संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। मुकीमगंज स्थित शंकर सरदार का बाड़ा लॉन में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के दूसरे दिन बैजनाथ धाम निवासी कथावाचक पंडित रविशंकर ठाकुर ने भगवान श्रीराम,भगवान शिव और माता सती से जुड़े मनोहारी प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया,जिसे सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। कार्यक्रम की मुख्य संयोजिका एवं मानस सनातन ट्रस्ट की सचिव डॉ. प्रभा रानी,स्त्री रोग विशेषज्ञ,ने कहा कि भगवान के प्रति आस्था और भक्ति भी प्रभु की इच्छा से ही जागृत होती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय पेशे में समय निकालना चुनौतीपूर्ण जरूर है,लेकिन जब प्रभु की इच्छा होती है तो सभी कार्य सहज रूप से संपन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सफल ऑपरेशन के पीछे चिकित्सकीय प्रयास के साथ ईश्वर पर विश्वास भी महत्वपूर्ण है। डॉ. प्रभा रानी ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में अभिभावक बच्चों को बेहतर शिक्षा और अधिक अंक दिलाने पर विशेष जोर दे रहे हैं,लेकिन संस्कार और आध्यात्मिक शिक्षा पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि रामकथा भगवान श्रीराम के आदर्श आचरण,संस्कार और जीवन मूल्यों से बच्चों तथा युवा पीढ़ी को जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। सनातन संस्कृति और संस्कारों का स्मरण कराकर समाज में सकारात्मक सोच और चरित्र निर्माण को मजबूत किया जा सकता है। कथा के व्यवस्थापक अशोक यादव ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने बताया कि श्रीराम कथा के आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ना तथा समाज में अच्छे संस्कार और चरित्र निर्माण की भावना को बढ़ावा देना है। भगवान श्रीराम का जीवन स्वयं मर्यादा,त्याग और उत्तम चरित्र की प्रेरणा देता है। कथावाचक पंडित रविशंकर ठाकुर ने अपनी प्रभावशाली शैली में रामकथा के प्रसंगों का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा के दौरान पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयघोष और भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।