पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता आशुतोष मिश्रा
जौनपुर विषय : सरकारी एवं निजी अस्पतालों में चिकित्सकीय लापरवाही के कारण प्रसूताओं एवं नवजात शिशुओं की बढ़ती मृत्यु की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई, प्रसूता की मृत्यु पर ₹25 लाख एवं नवजात शिशु की मृत्यु पर ₹5 लाख क्षतिपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की जनहित मांग महोदय सविनय निवेदन है कि जनपद जौनपुर सहित संपूर्ण उत्तर प्रदेश में सरकारी एवं निजी अस्पतालों में प्रसव हेतु भर्ती होने वाली महिलाओं तथा नवजात शिशुओं की मृत्यु की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ती जा रही हैं। अनेक मामलों में चिकित्सकीय लापरवाही, अपर्याप्त सुविधाओं एवं मानकों की अनदेखी के आरोप सामने आते हैं, जिससे पीड़ित परिवारों में गहरा आक्रोश एवं असंतोष व्याप्त है।अक्सर देखा जाता है कि गंभीर घटनाओं के बाद संबंधित निजी अस्पतालों के विरुद्ध केवल औपचारिक कार्रवाई करते हुए उन्हें कुछ समय के लिए सील कर दिया जाता है, किंतु बाद में पुनः संचालन की अनुमति प्रदान कर दी जाती है। इससे चिकित्सा संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं हो पाती तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहती है।प्रसूता अथवा नवजात शिशु की मृत्यु किसी भी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति होती है। ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित परिवारों को न्याय, जवाबदेही एवं उचित क्षतिपूर्ति मिलना अत्यंत आवश्यक है।अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि जनहित में निम्नलिखित मांगों पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने की कृपा करें1. चिकित्सकीय लापरवाही सिद्ध होने की स्थिति में प्रसूता की मृत्यु पर पीड़ित परिवार को ₹25,00,000 (पच्चीस लाख रुपये) की क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए।
2. चिकित्सकीय लापरवाही सिद्ध होने की स्थिति में नवजात शिशु की मृत्यु पर पीड़ित परिवार को ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) की क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए।3. दोषी पाए जाने वाले अस्पतालों एवं संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध कठोर कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए 4. सरकारी एवं निजी अस्पतालों में प्रसूता एवं नवजात शिशुओं की सुरक्षा हेतु विशेष निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।आशा है कि जनहित से जुड़े इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगा