अतुल राय की खास रिपोर्ट
वाराणसी। कार्यालय जिला प्रशिक्षण जिला ग्राम्य विकास संस्थान में सोमवार को वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई बालिका आत्मरक्षा 6 दिवसीय प्रशिक्षण के तीसरे बैच का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए कार्यालय जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने प्रशिक्षुओं के बीच कहा की बालिकाओं में शिक्षा के साथ उनमें आत्मरक्षा,आत्मसुरक्षा और आत्मबल विकसित करना ही इस प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य है। शासन के मंशा के अनुरूप यह प्रशिक्षण ग्यारह से चौदह वर्ष के स्कूली बालिकाओं को दिया जाना है।इसलिए चंदौली जनपद के सकलडीहा,चहानियाँ और नौगढ़ ब्लाक के 50 व्यायाम शिक्षकों को यहां प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यही प्रशिक्षुगण अपने अपने विद्यालय पहुंचकर बालिकाओं को आपात संकट परिस्थितियों से निपटने के लिए आत्मरक्षार्थ कौशल विकसित करने का काम करेंगे। वहीं कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रशिक्षण के संयोजक सुरेश पांडेय ने कहा की समाज में बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए उनमें भयमुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए यह प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी प्रशिक्षु पूरी निष्ठा के साथ यह प्रशिक्षण लेने का काम करें। जिससे सरकार की मंशा पूरी हो सके। इस दौरान प्रशिक्षक ताईक्वांडो के वरिष्ठ मास्टर आजाद हुसैन और सुमित श्रीवास्तव ने प्रथम दिन प्रशिक्षण में आत्मरक्षा के कई कौशल को प्रैक्टिकल के माध्यम से बताया।