संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। ग्राम रोजगार सेवक एकता संघर्ष समिति उ.प्र.के आह्वान पर आठ सूत्रीय मांगों के समर्थन में जनपद के ग्राम रोजगार सेवकों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारी को सौंपा।ग्राम रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष अतुल कुमार सिंह के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे ग्राम रोजगार सेवकों का कहना था कि 4 अक्टूबर 2021 को डिफेंस एक्सपो मैदान में आयोजित सम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम रोजगार सेवकों व मनरेगा कर्मचारियों के सम्बंध में की गयी घोषणाओं पर शासनादेश निर्गत किया जाय।जिसमें मुख्यमंत्री ने एचआर पॉलिसी एक महीने में लाने, मनरेगा कर्मियों के जॉब चार्ट में ग्राम्य विकास विभाग के अन्य काम को जोड़ने,रोजगार सेवकों की सेवा समाप्ति से पहले डीसी मनरेगा की सहमति अनिवार्य करने इत्यादि की घोषणाएं की थी।ग्राम रोजगार सेवकों का कहना था कि मुख्यमंत्री द्वारा की गयी घोषणा के लगभग 2 वर्ष बाद भी आज तक कोई भी शासनादेश निर्गत नहीं किया गया।
ग्राम रोजगार सेवकों ने हिमाचल प्रदेश,राजस्थान, मध्य प्रदेश की भांति मानदेय में वृद्धि किये जाने,
ईपीएफ कटौती की धनराशि मनरेगा कर्मियों के यूएएन खाते में भेजने एवं आकस्मिक दुर्घटना में मृत्यु होने की दशा में मनरेगा कर्मी के आश्रित को सेवा में समायोजित करने सहित मुख्यमंत्री को सम्बोधित 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी द्वारा नामित प्रतिनिधि एसीएम प्रथम श्याम कुमार को सौंपा।इस दौरान जिलाध्यक्ष एवं जिला कमेटी सदस्य अतुल कुमार सिंह, योगेश प्रताप सिंह,काशी नाथ मिश्रा,जय शंकर यादव,कमलेश पटेल,राकेश,धर्मेंद्र यादव,शिव जतन,रामसूरत,राहुल,अमित,आनंद, आरती,अरविंद आदि उपस्थित रहे।