संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। आगामी चंद्रग्रहण को देखते हुए सूतक काल शुरू होने से पूर्व ही गंगा आरती संपन्न करा दी गई। दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति द्वारा मां गंगा की नित्य संध्या आरती सामान्य समय से पहले दोपहर में ही पूरी कराई गई।
इसी प्रकार अस्सी घाट पर भी परंपरा का निर्वहन करते हुए गंगा आरती सूतक लगने से पूर्व संपन्न कराई गई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही और मां गंगा के जयकारों से घाट गूंज उठे।
चंद्रग्रहण पर बदला गंगा आरती का समय, 35 वर्षों में पांचवीं बार दिन में हुई आरती*
वाराणसी। चंद्रग्रहण के सूतक काल के चलते दशाश्वमेध घाट पर विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती इस बार विशेष रूप से दिन में सम्पन्न हुई। गंगोत्री सेवा समिति ने बताया कि आरती प्रातः 11:45 बजे शुरू होकर ग्रहण लगने से पहले पूर्ण कर ली गई।
समिति अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे के अनुसार, 35 वर्षों में यह पांचवीं बार है जब दिन में आरती हुई। इससे पहले 28 अक्टूबर 2023, 16 जुलाई 2019, 27 जुलाई 2018 और 7 अगस्त 2017 को भी आरती का समय चंद्रग्रहण के कारण बदला गया था। इस बार गंगा के बढ़े जलस्तर से आरती का आयोजन घाट की छत पर किया गया।