संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
*रामेश्वर।* जल ही जीवन है ,वगैर जल के जीवन अधूरा है।जल बचाएं जीवन को सफल बनायें। उक्त बातें पर्यावरण एवम जल संरक्षण प्रेमी मनीष पटेल ने आज जनकवि धूमिल के गांव में व्यक्त किया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि'पेड़ पौधों को करो ना नष्ट सास लेने में होगा कष्ट',पानी की एक एक बूँद बचाए,जल है तो कल है।'सच तो यह है कि आज हमारा देश ही नहीं,पूरा विश्व,बल्कि कहा जाय कि पूरी धरती तवे की तरह गरम हो गयी है।इस कारण सारी ऋतुओं में बदलाव आ गया है।प्रकृति का मिजाज विगड़ चुका है।इस वजह से कभी बारिस नहीं होती,तो कभी इतनी ज्वादा हो जाती है कि बाढ़ आ जाती है।कभी सर्दी अधिक तो कभी कम।कभी पूरे मौसम गरमी पड़ती हैं।
ये सब बदली हुई स्थितियाँ मनुष्य के जीवन ही नहीं,सारी दुनिया के जीव जंतुओं और वनस्पतियों तक के अस्तित्व के लिए खतरा बन चूकी है।
इस बढी़ हुई गरमी और बदले हुए मौसम के मिजाज़,बिना बरसात के गुजरते साल दर साल,बार बार पड़ते अकाल,तेजाबी वर्षा,विलुप्त होती प्रजातियाँ,विगड़ते पर्यावरण और तपती धरती,जल का दोहन जैसी कई समस्याएँ सामने आ खडी़ है।
मनुष्य अपने स्वार्थ के कारण दूसरी ओर प्रकृति और पर्यावरण को बहुत हानि भी पहुचाई है,जिसके कारण जलवायु मे होने वाले परिवर्तन आगे आने वाले समय में भयंकर परिणाम देने वाले होंगे।
हम सब को इसके लिए अभी से सचेत हो जाना चाहिए और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग हो जाए। बच्चों ने जनजागरूकता रैली निकाली।