भूख और प्यास से तड़प रहा था गोवंश
पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता ज़ायेद शेख
केराकत। क्षेत्र के ग्राम भौरा में लगभग दस दिन पूर्व प्रतिबंधित मांस के लिये गों तस्करी करने वाले पशु तस्कर एक स्वस्थ साड़ को पकड़ कर पेड़ में बाधकर फरार हो गये। वही गाँव के बाहर सिवान में विगत दस दिन से भूख और प्यास से तड़प रहे गोवंश को मंगलवार को दोपहर सवा दो बजे पुलिस और पत्रकार ने रस्सी काटकर मुक्त कराया बताया जाता है कि दस दिन पूर्व तेजपुर (धधिया) में एक तथा कथित दबँग के बुलावे पर आये पशु तस्करों में फंदा लगाकर उक्त साड़ को पकड़ लिया। और उसे मिनी ट्रक पर लादकर ले जाने के लिये रस्सी से नकेल और लगे में कंठा लगा दिया। मिनी ट्रक पर लादने के पूर्व ही गाँव के एक अधेड़ व्यक्ति जो गाँव के मन्दिर पर पूजा पाठ करते है को जानकारी हुई तो उन्होंने दबँग का विरोध करते हुये पुलिस बुलाने की बात कही। पुलिस का नाम सुनते ही दबँग और पशु तष्कर साड़ को भौरा गाँव निवासी प्रमोद सिंह मास्टर और भोले सिंह के खेत के मध्य उगे सागौन के पेड़ मे बाधकर फरार हो गये। बताया जाता है कि विगत दस दिन से उक्त साड़ उसी पेड़ में बधा भूख और प्यास से तड़प रहा है। किसी को अपने पास नहीं आने दे रहा है, गोवंस को मुक्त करने के सारे प्रयास हो रहे विफल। मामले की सूचना ग्राम पंचायत सचिव संजय यादव, प्रधान प्रतिनिधि आलोक सिंह को दे दिया गया है। वही सभी जिम्मेदार गोवंश को मुक्त कराने में टाल मटोल कर रहे है। शासन की गोसंरक्षण की सारी नीतियों पर पानी फिर रहा है। सूचना पर पहुँचे अवनीश वर्मा पत्रकार और इलाक़ाई पुलिस के हेड काँस्टेबल रवि प्रताप सिंह और उनके हमराही ने बांधे गये गोवंश की रस्सी काटकर मुक्त कराया। कैद से छूटते ही कृतज्ञता भरी नजर से देखते हुये गोवंश धीरे धीरे जाकर पास के खेत में भरे पानी को पिया और अपनी राह पर निकल गया।