पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता आशुतोष मिश्रा
जौनपुर रामपुर थाना क्षेत्र के नरसिंहदासपुर सपही में बाबुल नाथ उपाध्याय सिद्धनाथ उपाध्याय के निवास पर चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के अगले चरण में गुरुवार को तीसरे दिन की कथा का समापन हुआ। जनपद के आचार्य गणेश महराज ने मधुर भजनों और कीर्तन के साथ भागवत के महत्व का वर्णन किया। इस दौरान श्रोतागण भक्तिरस में ओत-प्रोत दिखे।
गुरुवार को कथाव्यास आचार्य महाराज गणेश त्रिपाठी ने कथा वाचन में सृष्टि की रचना, महाराज परीक्षित के अनेकों प्रसंग और माता सती के विवाह और महादेव की लीलाओं की भागवत कथा का वर्णन किया। कथाव्यास ने कहा कि मनुष्य को अपने मन पर नियंत्रण रखना चाहिए क्योंकि मन ही मनुष्य का पथ प्रदर्शन करता है। मन ही ही अच्छे बुरे मार्ग प्रशस्त करता है। भागवत कथा के दौरान मंडली द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों पर श्रोतागण भक्ति भाव में लीन दिखे। वहीं कथा स्थल पर प्रातः हवन पूजन के साथ संध्या कथा श्रावण में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान प्रभु के जयकारे से क्षेत्र गुंजायमान रहा।
आयोजकों ने बताया कि कथा का आयोजन बीते मंगलवार को कलश यात्रा के प्रारंभ हुआ है। जिसमें 09 सितम्बर तक प्रतिदिन प्रातः विशाल हवन-पूजन और शाम 7:00 बजे से कथावाचन होता है इस अवसर पर गुलाब दुबे वकील सुरेश दुबे वकील आदिनारायण दुबे बाके तिवारी हिमालय दुबे श्रीकांत दुबे विजय उपाध्याय विनय कृष्ण अवधेश प्रदीप संदीप आदि लोग कथा में उपस्थित रहे।