संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
छविनाथयादव
वाराणसी- निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और ऐसी ही पत्रकारिता से राष्ट्र का विकास सम्भव है।पत्रकारिता को किसी धर्म से जोड़ना सरासर ग़लत है क्योंकि पत्रकारिता का एक मात्र धर्म होना चाहिए और वह है राष्ट्र धर्म।उक्त विचार अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने रविवार को चिरईगांव ब्लाक सभागार में आयोजित पत्रकार सम्मान सामारोह कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए ब्यक्त किये।देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि "ग्रामीण विकास एवं जन जागरण में पत्रकारिता की भूमिका" विषयक संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नारद किसी ब्यक्ति का नाम नहीं बल्कि एक चरित्र है जिनसे हम सभी को सीख लेनी चाहिए। ग्रामीण पत्रकारिता गांव के विकास की ऐसी धुरी है जो गांव के निर्बल व कमजोर वर्ग को न्याय दिलाने में सक्षम है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक डॉ सुरेश व डॉ प्रशांत पांडेय ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र नाथ पांडेय उपस्थित पत्रकारों से निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता को बढ़ावा देने की अपील की।
*45 पत्रकारों का कियागया सम्मान-* देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह में हवलदार सिंह,सुरेंद्रनाथ पाण्डेय,देवमणि त्रिपाठी,स्वामी शरण कुशवाहा,सत्येंद्र प्रकाश उपाध्याय,अजय चौबे,प्यारेलाल यादव,प्रेमनाथ सिंह,मधुकर मिश्रा,सीबी तिवारी,डा.एकेसिंह,श्रीकांत उपाध्याय,कृष्ण कुमार अस्थाना,गिरीश तिवारी,शाहिद आलम,राहुल सोनी सहित कुल 45 पत्रकारों को स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।किया व कार्यक्रम का आयोजन व संचालन संयुक्त रूप से अवनीश पाठक व देवमणि त्रिपाठी ने किया ।
कार्यक्रम में जिला संरक्षक नागेश्वर सिंह जिलाध्यक्ष राजकुमार तिवारी,अनामिका,राजेंद्र चौबे आशीष पांडेय,अजय पांडेय,अमित चौबे,बबलू राजभर आदि उपस्थित रहे।