संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी -- जिला समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल चन्दौली सांसद वीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में सोमवार को वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय पहुंचकर पिछले 11 दिनों से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किए गए भेदभावपूर्ण रवैया के खिलाफ धरने पर बैठे छात्र शिवम सोनकर से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। शिवम सोनकर नेट क्वालिफाइड छात्र है। जो अनुसचित जाति का छात्र होते हुए भी सामान्य केटेगरी में दूसरा स्थान प्राप्त करने के बावजूद भी पीएचडी में दाखिला नहीं पा सका।शिवम् सोनकर ने सोशल साइंस डिपार्टमेंट में मालवीय सेंटर फार पीस रिसर्च से पीएचडी करने हेतु परीक्षा दिया है। उसका आरोप है की विश्वविद्यालय और विभाग के कुछ लोग नियम और आरक्षण की प्रणाली को अपने तरीके से तोड़ मरोड़ कर कई नियमों को बदलते हुए अपनी मनमानी करते रहते हैं, जिससे सैकड़ो का हक मारा जा रहा है। इसलिए आज 11 दिन से लगातार सड़क पर बैठे हुए आंदोलनरत होकर न्याय की मांग और अपने दाखिले की लड़ाई लड़ रहा हूं।जहां बीएचयू के अस्थाई कुलपति और चीफ रजिस्टार संजय कुमार द्वारा वार्ता के दौरान बताया कि कहीं ना कहीं चूक हुई है। जिसे बीते दिनों विश्वविद्यालय प्रशासन ने मीडिया से वार्ता में स्वीकार किया था, जिसके बाद आज समाजवादी पार्टी प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर इस विभाग की प्रवेश प्रक्रिया को वर्तमान में रोकते हुए यूजीसी और केंद्रीय शिक्षा विभाग नई दिल्ली को सूचित कर पूरी प्रक्रिया और दाखिले के मुद्दे को लिखित तौर पर अवगत कराकर आगे की कार्रवाई करने हेतु आश्वासन दिया गया। अतिथि सांसद वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार नहीं चाहती कि पिछड़े और दलितों के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करें। शिक्षा प्राप्त करना सबका मौलिक अधिकार है। लेकिन भाजपा सरकार लगातार पिछड़ों और दलितों के आरक्षण से खिलवाड़ करती आ रही है और खुलेआम उनके हक और अधिकारों पर डाके डालने का काम कर रही है। प्रतिनिधिमंडल में अतिथि चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह, स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा, जिलाध्यक्ष सूजीत यादव लक्कड़,छात्रसभा प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा, पूजा यादव, सत्य प्रकाश सोनकर राष्ट्रीय महासचिव अंबेडकर वाहिनी, जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट, हरीश मिश्रा, अमित सोनकर, वरुण सिंह, अजय फौजी, प्रदेश महासचिव युवजन सभा उमेश प्रधान, भीष्म नारायण सिंह, राहुल सोनकर, आयुष यादव, विमलेश यादव, संजय यादव, सहित पचासों नेता व कार्यकर्तागण का मौजूद रहे।