संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
*वाराणसी।* लगातार हो रही बारिश ने बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल चिकित्सालय की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। पूर्वांचल का एम्स कहे जाने वाले इस अस्पताल में चारों ओर जलभराव की स्थिति बन गई है। परिसर की मुख्य सड़कें, वार्ड्स के सामने के रास्ते और इमरजेंसी विभाग तक पानी में डूब गए हैं, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार को अस्पताल का नजारा किसी जलमग्न बस्ती जैसा दिखा। बाल चिकित्सालय और नेत्र चिकित्सालय के बाहर तो पानी घुटनों तक पहुंच गया है। मरीजों को स्ट्रेचर पर लाना मुश्किल हो गया है, और परिजन पानी के बीच से किसी तरह डॉक्टरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। अपने बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचे राजेश चौहान ने बताया कि उनका बच्चा बाल विभाग में भर्ती है। दो दिन से लगातार बारिश हो रही है और पूरी रात अस्पताल में पानी भरता रहा। अब स्थिति यह है कि मरीजों को अंदर ले जाना ही चुनौती बन गया है। एंबुलेंस भी मुख्य द्वार से इमरजेंसी तक नहीं जा पा रही है।”
विकास नामक एक अन्य तीमारदार ने भी जलभराव की समस्या बताई। कहा कि बारिश के चलते अस्पताल की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। इससे तमाम परेशानियां हो रही हैं। इतना ही नहीं, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर की स्थिति भी अलग नहीं है। ट्रॉमा सेंटर जहां रोजाना इमरजेंसी केस आते हैं, वहां भी चारों ओर पानी भरा हुआ है। सामने घाट मार्ग जो ट्रॉमा सेंटर से होकर गुजरता है, वह भी जलमग्न हो चुका है। इस मार्ग से रोजाना हजारों लोगों का आवागमन होता है, और बारिश ने इस मार्ग को भी बाधित कर दिया है।
स्थानीय नागरिकों और मरीजों के तीमारदारों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अस्पताल परिसर की जल निकासी की व्यवस्था की जाए ताकि मरीजों को इलाज में किसी तरह की बाधा न आए। वरना जलभराव से बीमारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।