संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
चोलापुर- आज ग्राम पंचायत रौनाखुर्द , गौरा उपरवार, ताला , छित्तमपुर, रसड़ा, भिदूर, बबियाँव,चौबेपुर खुर्द में संगोष्ठी किया गया। जिसमें लिंग के आधार पर महिलाओं एवं किशोरियों के साथ भेदभाव की रुढ़ी बहुत पहले से चली आ रही है। पूरे विश्व में महिलाओं एवं किशोरियों के साथ भारत में सबसे ज्यादा लिंग के आधार पर भेदभाव,शोषण एवं अपराध किया जाता है। मां के गर्भ में भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं लड़के की चाहत में कितनी ही बालिका शिशुओं को गर्भ में मार दिया जाता है। लड़कियों एवं महिलाओं के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण,शिक्षा,नौकरी, बाहर आने जाने, मन मुताबिक जीवन यापन करने, कपड़े पहनने आदि सब पर रोक - टोक लगाया जाता है जबकि पुरुष वर्ग के साथ ऐसा कोई रोक-टोक नहीं लगाया जाता। यह भारतीय समाज की परंपरागत रुढ़ी है जिसे खत्म करना है। भारतीय संविधान में इसके लिए दंड की व्यवस्था भी की गई है इसके पश्चात भी कन्या भ्रूण हत्या एवं महिलाओं एवं किशोरियों के साथ लिंग के आधार पर भेदभाव, अपराध हो रहा है। इसे खत्म करने हेतु हमें आपको आगे आना होगा अपने सोच में परिवर्तन लाना होगा तथा बेटियों का सम्मान एवं सहयोग करना होगा। उनके जीवन को बचाना होगा। तब संवैधानिक दिशा में नए समाज का निर्माण हो पाएगा।