पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता आशुतोष मिश्रा
जौनपुर। रामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले औरा गांव में महिला उत्पीड़न और पुलिस की कथित मिलीभगत का गंभीर मामला सामने आया है। गांव की निवासी गीता देवी ने अपने आबादी की जमीन पर जबरन कब्जा करवाने का आरोप जमालापुर चौकी इंचार्ज सुरेश सिंह पर लगाया है। पीड़िता का कहना है कि स्थानीय दबंगों ने चौकी इंचार्ज की सरपरस्ती में जमीन पर रात-दिन अवैध निर्माण शुरू कर दिया है, जबकि बार-बार मना करने के बावजूद वे नहीं रुके विपक्षियों ने पुलिस के सामने ही महिलाओं को पीटा, पुलिस खड़ी देखती रही गीता देवी ने बताया कि जब दबंग मनोज, रवि, घनश्याम और प्रदीप अवैध कब्जा कर रहे थे, तब उन्होंने इसकी सूचना यूपी पुलिस 112 और चौकी इंचार्ज को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पीड़िता के अनुसार पुलिस मूकदर्शक बनी रही पीड़िता के अनुसार, पुलिस के सामने ही दबंगों ने गीता देवी और उनकी दो बेटियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान मां-बेटियां गिर पड़ीं, लेकिन पुलिस ने न तो उन्हें बचाया और न ही हमलावरों को रोका थाने पर शिकायत देने गईं तो मिल गई डांट, वापस लौटा दिया गया घटना के बाद जब गीता देवी अपनी लिखित शिकायत लेकर रामपुर थाने पहुंचीं, तो वहां भी उन्हें न्याय नहीं मिला। पीड़िता का आरोप है कि थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें डांटकर थाने से भगा दिया। उन्होंने कहा कि “हम पीड़ित हैं, पुलिस ही हमारी आखिरी उम्मीद थी, लेकिन यहां भी हमें अपमान का सामना करना पड़ा महिला सुरक्षा पर उठे सवाल, ग्रामीणों में नाराजगी इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण पर विशेष जोर दे रही है, वहीं रामपुर पुलिस महिलाओं की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील दिखाई दे रही है स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस विभाग के कुछ अधिकारी दबंगों का खुलकर संरक्षण कर रहे हैं, जिसके कारण गांव में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होती जा रही है। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी पुलिसकर्मियों व दबंगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है प्रशासन की चुप्पी और बढ़ा रही संदेह घटना के बाद अभी तक न तो पुलिस विभाग और न ही स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान जारी किया गया है। प्रशासन की चुप्पी से पीड़िता और ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पीड़ित एक महिला के साथ पुलिस के सामने ऐसा अत्याचार हो सकता है, तो आम जनता कैसे सुरक्षित महसूस करेगी पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाई गीता देवी ने राज्य सरकार से न्याय की मांग करते हुए कहा कि उन्हें व उनकी बेटियों को सुरक्षा प्रदान की जाए और जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे को तत्काल हटाया जाए। साथ ही उन्होंने मामले की जांच किसी निष्पक्ष व सक्षम अधिकारी से करवाने की मांग की है, ताकि दोषी चाहे पुलिसकर्मी हों या दबंग—सभी पर कठोर कार्रवाई हो सके।