बाल विवाह संज्ञेय अपराध इसमें प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष भाग लेने वाले होंगे दोषी सीओ मडियाहूं परमानंद कुशवाहा
पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता आशुतोष मिश्रा
जौनपुर रामपुर थाना परिसर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग जौनपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें विवाह सेवा प्रदाता, सामुदायिक स्वयंसेवक, मैरिज हॉल व डीजे संचालकों सहित नगर के गणमान्य लोग शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान लहरतारा वाराणसी के विजय कुमार ने बाल विवाह को एक सामाजिक कुप्रथा बताते हुए इसके उन्मूलन के लिए सभी से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एवं पर्दा प्रथा की शुरुआत मुगल काल में हुई थी, जिसका राजा राममोहन राय ने पुरजोर विरोध किया। समय-समय पर इसके खिलाफ कानून बनाए गए और वर्तमान में कानून के अनुसार लड़की की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष तथा लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल 112 पुलिस सेवा या 1098 चाइल्ड लाइन पर कॉल कर इसे रोका जा सकता है प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह न होने देने का संकल्प दिलाया और कहा कि समाज की जागरूकता से ही इस कुरीति पर प्रभावी रोक संभव है। इस दौरान जागरूकता हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में मंजीत कुमार संतोष सिंह एवं वरिष्ठ उप निरीक्षक बाबू राम बिंद ने भी अपने विचार रखते हुए कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।इस अवसर पर श्यामधर मिश्र पूर्व प्रधान विनोद जायसवाल चेयरमैन रामपुर कार्यकर्ता विजय कुमार सुरेश कुमार रामआसरे गूंजा सीमा और सकरा कोटिगांव रामपुर नगरपंचायत सपही निस्फी रामपुर के सीबीसी लीडर्स और एसएचजी की महिलाओ ने बढ़ चढ़ कर कार्यक्रम में भाग लिया और मैरिज हॉल संचालक, डीजे संचालक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नगर के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।