पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ ब्यूरो चीफ विवेक सोनी
जौनपुर रामपुर नगर पंचायत रामपुर स्थित कृष्णा हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। अस्पताल के खिलाफ इलाज में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाते हुए नगर पंचायत रामपुर निवासी आसिफ अली ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।शिकायतकर्ता आसिफ अली का आरोप है कि उनकी पत्नी की डिलीवरी 11 जनवरी 2026 को कृष्णा हॉस्पिटल में हुई थी। उनका कहना है कि उपचार के दौरान गलत तरीके से इंजेक्शन लगाए जाने और चिकित्सा में लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की तबीयत गंभीर रूप से प्रभावित हुई, जिसके इलाज में लाखों रुपये खर्च करने पड़े। उनका दावा है कि उनकी पत्नी आज भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो सकी हैं।आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज होने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रामपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रभात यादव रविवार को जांच के लिए अस्पताल पहुंचे। स्थानीय लोगों के अनुसार उस समय अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज मौजूद थे। आरोप है कि जांच पूरी किए बिना ही अधिकारियों ने देर रात होने का हवाला देते हुए कार्रवाई स्थगित कर दी।जब इस संबंध में डॉ. प्रभात यादव से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि समय अधिक होने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी और सोमवार को पुनः जांच की जाएगी। अस्पताल के बार-बार सीज होने और पुनः संचालित होने के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने विस्तृत जानकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद देने की बात कही।स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त अस्पताल के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें हुई हैं तथा कार्रवाई के बाद भी अस्पताल पुनः संचालित होने लगता है। इससे स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।इसी प्रकार क्षेत्र में संचालित अन्य निजी अस्पतालों को लेकर भी समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है, जिससे मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।अब लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की आगामी जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अस्पताल के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है।