संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव सुभाष राजभर ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए सरकार की नीतियों,कार्यप्रणाली और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भाजपा कभी विपक्षी दलों पर परिवारवाद का आरोप लगाती थी,आज उसी पार्टी में परिवारवाद अपने चरम पर पहुंच चुका है। राजभर ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन से लेकर सरकार तक,पार्टी केवल अपने करीबियों और प्रभावशाली परिवारों को बढ़ावा दे रही है। उनके अनुसार,भाजपा का राष्ट्रवाद अब केवल एक दिखावा बनकर रह गया है,जबकि वास्तविकता में सत्ता का लाभ सीमित लोगों तक ही पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र लगभग समाप्त हो चुका है और कुछ चुनिंदा परिवारों का वर्चस्व लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए सुभाष राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों को उन्होंने कागजी बताया और कहा कि हकीकत में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। महिलाओं की सुरक्षा,व्यापारियों के साथ लूट और बढ़ती आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। साथ ही,उन्होंने कहा कि बेरोजगारी,महंगाई और कानून व्यवस्था से परेशान जनता का भाजपा से मोहभंग हो चुका है और अब लोग समाजवादी पार्टी की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर भाजपा सरकार की नीतियों और विफलताओं को जनता के सामने रखें और आगामी चुनावों में बदलाव का संकल्प लें। इस दौरान सुभाष राजभर ने ओमप्रकाश राजभर पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें अपने ही दल का बड़ा उदाहरण बताते हुए उनके भविष्य के राजनीतिक प्रभाव पर सवाल उठाए। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और इसे आगामी चुनावों की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।