संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी -- 15 अगस्त के राष्ट्रीय पर्व पर देशभक्ति की भावना से राष्ट्रध्वज बड़े अभियान के साथ फहराये जाते हैं। परन्तु दुर्भाग्य से वही राष्ट्रध्वज उसी दिन सड़कों पर कूड़ेदान में या नालियों में फटी अवस्था में पड़े मिलते हैं। विशेष कर प्लास्टिक के ध्वज जैविक रूप से विघटनशील ना होने के कारण यह अपमान कई दिनों तक होता रहता है। इसके अतिरिक्त टी-शर्ट, मास्क, और अन्य परिधानों के माध्यम से भी बड़े पैमाने पर राष्ट्रध्वज का अपमान हो रहा है। इस अपमान को रोकने के लिए उच्च न्यायालय के आदेशों और उपलब्ध कानूनों का प्रशासन कड़ाई से पालन कराये। अधिवक्ताओं के समूह व हिंदू जन जागृति समिति ने अपनी मांगों का ज्ञापन मंगलवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन वाराणसी पंकज कुमार, उप जिलाधिकारी पिण्डरा वाराणसी कुंदन राज कपूर व सहायक पुलिस आयुक्त प्रशांत सिंह को सौंपा गया। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से ज्ञानवापी के मुख्य याचिकाकर्ता डॉक्टर सोहन लाल आर्य,ज्ञानवापी अधिवक्ता दीपक सिंह, अधिवक्ता संजीवन यादव, अधिवक्ता अरूण कुमार मौर्य, अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश राय, अधिवक्ता आनंद कुमार राय, अधिवक्ता अवनीश कुमार तिवारी, संजय सिंह, प्रमोद गुप्ता, अधिवक्ता उमेश कुमार सिंह, अधिवक्ता श्याम शंकर सिंह, अधिवक्ता संतोष सिंह, अधिवक्ता अतुल सिंह, अधिवक्ता बृजेश मिश्रा, त्रिशान्त सिंह, रविंद्र कुमार पटेल प्रधान, आदर्श पटेल और रमेश विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे