संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
हरहुआं-विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत वैज्ञानिको की टीम सोमवार हरहुआ विकास खंड के गांव उन्दी, गहनी एवं बेलवारिया ग्राम पंचायत में पहुंचकर चौपाल के माध्यम से किसानों से सीधा संवाद किया। ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि तकनीकी समझाने के लिए अनोखा प्रयोग करते हुए उन्हें उनकी ही भोजपुरी भाषा में तकनीकी जानकारी दी गयी। कार्यक्रम मे उपस्थित केबीके के कृषि वैज्ञानिक डॉ. राहुल कुमार सिंह किसानों के खरीफ मौसम की समस्या को समझने के साथ ही धान में नर्सरी प्रबंधन एवं धान की सीधी बुवाई की तकनीकी चर्चा भोजपुरी में की जिसे किसानों ने बड़े ध्यान से सुना व पसंद किया। डॉ. सिंह ने किसानों को धान की सीधी बिजाई करने की सलाह देते हुए बताया कि इस विधि में प्रति एकड़ चार हजार रुपए की लागत में कमी आती है।
*धान की नर्सरी में शाम को करें सिंचाई*
कृषि वैज्ञानिक डा.राहुल सिंह ने धान की नर्सरी को गर्मी से बचाने हेतु शाम के समय सिंचाई करने की सलाह दी एवं नर्सरी में आयरन एवं जिंक की कमी को दूर करने के लिए जिंक सल्फेट एवं फेरस सल्फेट का स्प्रे करने की सलाह दी।
पशुपालन वैज्ञानिक पूजा सिंह ने पशुओं को टीकाकरण कराने की सलाह दी।
भारतीय सब्जी अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कर्मकार ने भिंडी की वैज्ञानिक खेती, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ आशुतोष राय ने पोषण वाटिका मॉडल पर चर्चा कर इसे ऑर्गेनिक एवं प्राकृतिक विधि से करने की सलाह दी।जिला कृषि अधिकारी संगम मौर्य ने किसानों को सम्मान निधि एवं किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की सलाह देते हुए किसानों की समस्या को सुना। सहायक निदेशक मत्स्य सुरेंद्र कुमार ने मत्स्य विभाग के योजनाओं की, सहायक उद्यान निरीक्षक नीतू, तकनीकी सहायक कृष्ण कुमार मौर्य, बीटीएम रामसकल मौर्या, पशुधन प्रसार अधिकारी प्रकाश यादव, रोमा शर्मा ने भी किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की।