संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी --अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर उदय प्रताप कालेज के राजर्षि सभागार में मंगलवार को मानवाधिकार दिवस पर एक संगोष्ठी व शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह द्वारा पूज्य राजर्षि उदय प्रताप सिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कराया गया। मानवाधिकार बिषय पर सन्दर्भित करते हुए कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रोफेसर अलका रानी गुप्ता ने सभा में उपस्थित सभी शिक्षकों को मानवाधिकार की शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि अधिकार मनुष्यों का एक प्राकृतिक अधिकार है। ब्रिटिश राजनीतिक दार्शनिक लॉक ने सभी मनुष्यों के लिए तीन प्राकृतिक अधिकारों जीवन, स्वतंत्रता एवं संपत्ति की वकालत की है। ऐतिहासिक संदर्भों से वर्तमान संदर्भों तक मानव अधिकार के विकास यात्रा का संक्षेप में उल्लेख किया।साथ ही कहा कि इस तरह के शैक्षिक कार्यक्रमों से मानव अधिकारों के प्रति सजगता बढ़ती है। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने मानव अधिकारों के प्रराभव होने पर चिंता व्यक्त की। मानव अधिकारों से मानव गरिमा की रक्षा होती है। कॉलेज की अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारों के प्रति जागरूकता एवं कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता से ही छात्र हित में कार्य किया जा सकता हैं। कहा कि अधिकारों का पूर्ण उपयोग कर्तव्यों के शुद्ध पालन पर निर्भर होता है। संगोष्ठी के अन्त में कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो.अलका रानी गुप्ता ने सभी शिक्षकों को अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस की शपथ दिलवाया जिसे शिक्षकों ने एकस्वर में दोहराया। अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने संचालन नोडल अधिकारी प्रो.अलका रानी गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रो.रमेशधर द्विवेदी, प्रो.गोरखनाथ सिंह,प्रो.संजीव सिंह,प्रो.धर्मेन्द्र प्रताप सिंह,प्रो.अंजू सिंह,प्रो.तुमुल सिंह,प्रो.शशिकान्त द्विवेदी,प्रो.संजय शाही,प्रो.राहुल गौतम,प्रो.विपिन प्रकाश सिंह,प्रो.एनपी सिंह, प्रो.अग्निप्रकाश शर्मा, प्रो.विपिन प्रकाश सिंह समेत सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।