संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी -- मसाने की होली (श्मशान की होली) के पवित्र आयोजन को आधुनिक फूहड़ता और ध्वनि प्रदूषण से मुक्ति दिलाने वाले सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध डा. अतुल अंजान त्रिपाठी को क्षेत्रीय व्यापारी समाज ने सम्मानित किया। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के कुशल निर्देशन में कार्य करते हुए पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध डा.अतुल अंजान त्रिपाठी ने मणिकर्णिका घाट पर आयोजित पारंपरिक उत्सव में डीजे के तांडव और हुड़दंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी और प्रशासन के इस सख्त रवैए से आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा और दिव्यता बरकरार रही। जिसकी लंबे समय से नागरिकों द्वारा मांग की जा रही थी। वर्षों से मसाने की होली में बढ़ रहे ध्वनि प्रदूषण और डीजे संस्कृति के हस्तक्षेप से क्षुब्ध लोगों के लिए यह राहत भरा कदम साबित हुआ।चिंता भस्म से खेली जाने वाली होली इस बार बिना किसी विकृति के अपनी प्राचीन परंपरा के अनुरूप संपन्न हुई।स सराहनीय कार्य के लिए ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सक्रिय सामाजिक संस्था सत्या फाउंडेशन ने सोमवार को शाम एसीपी डा. अतुल अंजान त्रिपाठी के कार्यालय पर एक सम्मान समारोह आयोजित किया। संस्था के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पहुंचकर एसीपी डा.त्रिपाठी को अंगवस्त्रम और फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका अभिनंदन किया।इस प्रतिनिधिमंडल में आशापति शास्त्री, हरविंदर सिंह आनंद, चिरंजीव कपूर, श्यामल चटर्जी, सुनील खन्ना, जसवीर सिंह बग्गा और संस्था के सचिव चेतन उपाध्याय शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में एसीपी त्रिपाठी के इस साहसिक और संवेदनशील फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे काशी की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा हुई है।