संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
*मिर्जामुराद।* अवादा फाउंडेशन द्वारा घरेलू महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका सुनिश्चित करने की एक पहल।
अवादा फाउंडेशन, जो पिछले सात वर्षों से जयापुर और नागेपुर के लोगों के उत्थान के लिए सतत प्रयासरत है, ने जियो के साथ पार्टनरशिप करके आठ कम स्कूली शिक्षा प्राप्त महिलाओं को जिओ कस्टमर असिस्टेंट के रूप में नौकरी दिलवाई है। इस पहल से न केवल इन महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन रही हैं, अपने परिवारों को , जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, अतिरिक्त आय के माध्यम से सहारा दे रही हैं।इन महिलाओं को इस नौकरी के लिए बहुत अधिक प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं पड़ी, और वे घर से ही अपने खाली समय में यह कार्य आसानी से कर पा रही हैं। इससे उन्हें घर और काम को संतुलित करने में सुविधा होती है और कार्यस्थल पर आने-जाने का समय भी बचता है।सुमन देवी, जो इन आठ महिलाओं में से एक हैं, ने बताया कि अवादा फाउंडेशन के सहयोग के कारण ही उन्हें यह नौकरी मिली। अब वे अपने पति के भाई की मृत्यु के बाद उनके परिवार की देखभाल की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी आसानी से वहन कर पा रही हैं। इसी प्रकार, सीमा पटेल, जया पटेल, अनामिका पटेल, मुनिता देवी, अंकिता सिंह, गीता देवी, ममता कुमारी, और अन्य महिलाएं भी अपनी इस नौकरी के माध्यम से अपने ख़राब आर्थिक हालात को सुधार पा रही हैं।फाउंडेशन ने इस क्षेत्र के विद्यालयों के लिए पांच बड़े कमरों का निर्माण किया है, और लगभग 25 विद्यार्थियों को स्कालरशिप दी है। इसके अलावा, दो बच्चों को आईआईटी की कोचिंग के लिए स्पॉन्सरशिप भी प्रदान की है। छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए, फाउंडेशन ने एंट्रप्रेन्योरशिप वर्कशॉप, करियर काउंसलिंग, मोटिवेशनल स्पीचेस, सरकारी विद्यालयों को आवश्यक उपकरण और फर्नीचर, कंप्यूटर एवं कोडिंग क्लासेज, इंगलिश स्पीकिंग क्लासेज और कोचिंग क्लासेज का आयोजन किया है। इसके साथ ही, 25 किलोवॉट के दो पावर प्रोजेक्ट्स भी शुरू किए हैं।