संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
*हरहुआ* जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत चयनित कृषि सखियों का प्राकृतिक खेती विषयक चल रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन में प्रशिक्षुओं को बीजामृत से बीजोपचार एवं बीज बोना, कीटो की पहचान, विभेदन, हानिकारक और लाभकारी कीड़ों के बीच बहुफसलीय, अंतरफसलीय खेती को समझना। भोजन के विभिन्न घटकों का महत्व, कुपोषण का कारण, पशुधन एकीकरण की भूमिका के बारे में प्रशिक्षक द्वारा जानकारी दी गई।
इसके पूर्व प्रशिक्षुओं को स्थानीय भ्रमण के अंतर्गत ओम प्रकृति नर्सरी, परमानंदपुर का विजिट कराया गया जहां पर प्रशिक्षुओं ने नर्सरी के संचालक मनोज कुमार सिंह द्वारा पौधों की कलम करना, नर्सरी तैयार करना, पौधों का रखरखाव करना और पौधशाला से अपनी आमदनी को कैसे बढ़ाया जा सकता है के बारे में जाना।
इस अवसर पर डा. अमितेश सिंह, कमलेश सिंह, सत्र प्रभारी सुरेश तिवारी,राज्य प्रशिक्षक के0 एल0 पथिक, अमरनाथ द्विवेदी, सुरेश पाण्डेय, कृषि सखी सुनीता मौर्या, चन्दा देवी, प्रेमशीला, गुड्डी देवी, सविता, अर्चना प्रजापति, किरन देवी, कुसुम, सीमा देवी, पूजा राजभर, धनावती देवी, सावित्री देवी, रोशन प्रजापति, अनिता देवी, ऊषा देवी, मंजू देवी, कविता, शहनाज बानो, पूनम शर्मा, प्रभावती, बाला देवी, रानी पटेल, अर्चना भारती, संगीता कुमारी, चंद्रावती देवी, पूनम देवी, अंजना देवी, पूजा देवी सहित वाराणसी जनपद के विकास खण्ड आराजीलाइन, पिंडरा, हरहुआ, चोलापुर व चिरईगांव से चयनित 31 कृषि सखियों की उपस्थिति रही।