संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
रामनगर/वाराणसी।। वर्ष 2023 में शासन द्वारा नगर पालिका परिषद रामनगर का विलय नगर निगम वाराणसी में इस उम्मीद और विश्वास के साथ किया गया था कि रामनगर की सभी प्रकार की समस्याएं जड़ से समाप्त हो जाएंगी, लेकिन शासन की मंशाओं पर उस समय पानी फिर गया कि जनहित से जुड़ी समस्याएं दूर तो नही हुई बल्कि लोगो को छोटी- छोटी समस्याओ के लिए भी नगर निगम वाराणसी के रामनगर जोनल कार्यालय का चक्कर कई बार लगाना पड़ता है। कभी अधिकारी समय से नही बैठते तो कभी जोनल कार्यालय रामनगर के सक्षम अधिकारी कर्मचारियों और संसाधनों की कमी का रोना रोते हुए दिखाई दे जाते हैं। समस्याओं से जूझते लोग कभी पार्षद को घेरते तो कभी मायूस हो बैठ जाते कि आखिरकार ऐसा क्या करें कि समस्याओं से छुटकारा मिल सके! कई लोगो के समस्याओं से जूझने को देखकर वार्ड संख्या 65 के पार्षद का धैर्य टूट गया और शुक्रवार को अपरान्ह बाद जोनल कार्यालय रामनगर के परिसर में धरने पर बैठ गए। देखते- देखते नगर के तीनो वार्डों से सैंकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और अधिकारियों और कर्मचारियों को सूझ ही नहीं रहा था कि जवाब क्या दें! बेकाबू होती स्थिति से जलकल विभाग के महा प्रबन्धक विजय नारायण मौर्य को अवगत कराया गया। उनके आने के उपरान्त धरना दे रहे लोग अड़ गए कि जलकल विभाग के जेई न तो किसी जनप्रतिनिधि का फोन उठाते हैं और न ही समस्याओं के समाधान को रूचि रखते हैं। महा प्रबन्धक विजय नारायण मौर्य ने जेई को आचरण सुधारने की नसीहत देते हुए समस्याओं के निस्तारण को हिदायत दी। तब जाकर धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ। धरने में मुख्य रूप से मणि शंकर शर्मा, समाजसेवी कृपा शंकर यादव, उमेश प्रधान, सुरेश सरकार, आशीष राय, दीपक कुमार मौर्या, जयदेव चौहान, पूर्व सभासद संजय यादव, संगीता पटेल , विवेक कहार, रामजी गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित थे।