संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
वाराणसी। काशी में केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन संत समाज ने धर्मांतरण को रोकने और सामाजिक संस्था के लिए देशभर में व्यापक जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया। इस अभियान के अंतर्गत संत गांव गांव जाकर हिंदू समाज को मत,पंथ,संप्रदाय में विभाजित होने से रोकने के लिए जागरूक करेंगे। बैठक में तय हुआ कि प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ से पहले हिंदी भाषी क्षेत्र उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड,मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़,बिहार और झारखंड से पधारे पूज्य संत व्यापक जन जागरण अभियान के तहत हिंदू समाज को एकजुट करेंगे। इस बैठक का आयोजन कैवल्य ज्ञान मंदिर सिगरा वाराणसी में किया गया। जिसमें देश भर से आए संतों ने हिस्सा लिया। बैठक में जगतगुरु सुमेर पीठाधीश्वर शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने छुआछूत को धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से पाप बताया और कहा कि स्वतंत्र भारत में सभी हिंदू एक हैं। बैठक की अध्यक्षता कर रहे अखिलेश्वरानंद महाराज ने कहा कि भारतीय जीवन मूल्यों की पुनर्स्थापना और सामाजिक परंपराओं के निर्वहन में हमारे संस्कार महत्वपूर्ण है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी 24 जनवरी को प्रयागराज महाकुंभ के अवसर पर केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की अगली बैठक होगी। इसके साथ ही 25, 26 जनवरी को संत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जिसमें देश और दुनिया के सभी हिंदू परंपराओं को मानने वाले पूज्य संतों को आमंत्रित किया जाएगा। 25 जनवरी को साध्वी सम्मेलन और 26 जनवरी को निवासित संत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जबकि 27 जनवरी को युवा संत सम्मेलन का आयोजन होगा। इन सम्मेलनों में संत समाज हिंदू समाज की चुनौतियों पर विचार करेगा और समाधान के लिए अपने मार्गदर्शन देगा।बैठक का संचालन विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक तिवारी ने किया।बैठक मे प्रमुख रूप से भानु पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ,केंद्रीय मंत्री हरिशंकर,क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र,प्रांत संगठन मंत्री नितिन,क्षेत्र धर्माचार्य संपर्क प्रमुख जितेंद्र,श्याम सुंदर दास,भारत भूषण,महंत राम हृदय,क्षेत्र सत्संग प्रमुख दिवाकर नाथ त्रिपाठी,प्रांत सहमंत्री सत्य प्रकाश सिंह,प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख आद्या शंकर,विभाग मंत्री कन्हैया सिंह,महानगर संगठन मंत्री विनोद,राजेश मिश्रा,आनंदसन,जगतगुरु रंगनाथाचार्य, हरिनारायण,अश्वनी मिश्रा,विपुल कुमार पाठक,सहित 150 से अधिक पूज्य संत,विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी व कार्यकर्तागण बैठक में शामिल रहे।