अभिषेक गुप्ता की खास रिपोर्ट
वाराणसी सिंगल स्क्रीन सिनेमा को भोजपुरी फिल्म के जरिए जिंदा रखने वाले आलोक दुबे नहीं रहे शनिवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 63 वर्ष की आयु में निधन हो गया वे सिनेमा एक्जीबिटर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट थे वह शहर के सबसे बड़े सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल आनंद मंदिर के संचालक आलोक दुबे ने जिस समय सिंगल स्क्रीन सिनेमा लगभग खत्म होने की कगार पर था उस समय उन्होंने आनंद मंदिर सिनेमा में भोजपुरी फिल्में ही प्रदर्शित करने का कठिन निर्णय लिया जो पूरी तरह सफल रहा पिता द्वारा स्थापित एसोसिएशन को उन्होंने अपने प्रयासों से ऊंचाइयों तक पहुंचाया आलोक दुबे अपने पीछे एक भाई और 3 बेटों का भरा पूरा परिवार छोड़ दें हरिश्चंद्र घाट पर उनका अंतिम संस्कार रविवार को दिन में 9:00 बजे होगा उनकी अंतिम यात्रा कामाख्या स्थित आवास से निकलेगी उनके निधन से उनके चाहने वालों के साथ पूरा भोजपुरी फिल्म समाज शोकाकुल