पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ ब्यूरो चीफ विवेक सोनी
जौनपुर बरसठी मां की ममता को कलंकित करने वाली एक अत्यंत हृदयविदारक घटना बरसठी थाना क्षेत्र के लखराव गांव में सामने आई है। कुछ ही घंटे पहले जन्मे एक नवजात शिशु को बिना कपड़ों के कड़ाके की ठंड में नदी किनारे मिट्टी में ढककर छोड़ दिया गया। यह अमानवीय कृत्य मानवता को झकझोर देने वाला है।
घटना का खुलासा उस समय हुआ जब खेत में गेहूं की सिंचाई कर रहे एक किसान को अचानक नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह चौंक गया और आसपास तलाश शुरू की। ग्रामीणों को बुलाने के बाद जब जमीन पर पड़ी हल्की मिट्टी हटाई गई तो उसके नीचे एक जिंदा नवजात शिशु मिला। यह दृश्य देखकर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।किसान और उसकी पत्नी ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बिना देर किए बच्चे को पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बरसठी पुलिस तथा चाइल्ड केयर (बाल संरक्षण) टीम मियाचक स्थित निजी अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने नवजात का स्वास्थ्य परीक्षण किया।डॉक्टरों के अनुसार, समय रहते इलाज मिलने से नवजात की जान बच सकी। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पुलिस ने बच्चे को चाइल्ड केयर सेंटर के सुपुर्द कर दिया, जहां उसकी बेहतर देखभाल और इलाज की व्यवस्था की गई है।
नवजात को बचाने वाले किसान दंपति ने बच्चे को जीवनभर पालने की इच्छा जताई, लेकिन चाइल्ड केयर टीम ने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि फिलहाल दो वर्ष तक बच्चे की देखभाल चाइल्ड केयर सेंटर द्वारा की जाएगी। इसके बाद ही गोद लेने अथवा अन्य विकल्पों पर निर्णय लिया जाएगा।
पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ नवजात को छोड़कर उसकी जान जोखिम में डालने के मामले में जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर गांव में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल व्याप्त है।