संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
वाराणसी। स्वच्छता स्वास्थ्य की कुंजी है और गंदगी है बीमारियों की जननी। टीकाकरण व पोषक आहार से लोगों को दीदियां जागरूक करने के दायित्व को सेवा भावना के साथ निभाये।
उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान,परमानंदपुर में बुधवार को ग्रामीण विकास मंत्रालय,ग्रामीण विकास विभाग (प्रशिक्षण अनुभाग) भारत सरकार द्वारा प्रायोजित पांच दिवसीय स्वच्छ भारत,स्वास्थ्य और टीकाकरण जागरूकता विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही।उन्होंने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा की शासन के मंशा के अनुरूप ग्रामों में मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं का सृजन करते हुए ग्रामीण जनमानस को स्वच्छ पर्यावरण से लाभ,अस्वच्छता से होने वाली बीमारियों एवं खुले में शौच मुक्त गांव बनाने,स्वस्थ गांव बनाने के संबंध में जागरूक व क्षमता वृद्धि करने का उत्तरदायित्व भी ग्राम पंचायतों का ही है। जिस उद्देश्य से यह पांच दिवसीय जनपद वाराणसी से चयनित 25 महिला ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्यों तथा एनआरएलएम अंतर्गत गठित संकुल स्तरीय संघ के सामाजिक विकास स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित उप समिति के 25 पदाधिकारियों को सेवा भावना के साथ जिम्मेदारियों के प्रति सजग किया।कार्यक्रम में उपस्थित सेवा निवृत्त जिला विकास अधिकारी डॉ0 दयाराम विश्वकर्मा ने प्रशिक्षुओं को स्वच्छता का अर्थव्यवस्था और गरीबी पर क्या प्रभाव पड़ता है के बारे में जानकारी दी।प्रशिक्षण में रिटायर्ड सीडीओ हीरालाल,डीएमएम श्रवण कुमार सिंह,मास्टर ट्रेनर सुरेश पाण्डेय,अमरनाथ द्विवेदी,सुरेश तिवारी,ग्राम प्रधान ऊषा रानी सिंह,गीता देवी,सुचिता देवी,शशिकला,साधना सिंह,लक्ष्मीना देवी,संकुल समिति पदाधिकारी चंदा देवी,राधिका देवी,माया देवी,रुकमिना देवी,साजिदा बेगम,ममता देवी,लक्ष्मी मौर्या,सुमन,माधुरी देवी सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।