धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान, किसान चिंता
पूर्वाचल एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता ज़ायेद शेख
जूल मुंगारा बादशाहपुर। विकास में दो दिन तक चली तेज आंधी बारिश के कारण क्षेत्रीय किसानों के क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। खरीद की बिक्री में भी धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। धान की फसल का तो क्षेत्र में ये हाल है कि किसी भी गांव में धान की फसल पूरी तरह से पानी में डूब गई और खा ली गई तो धान की फसल बर्बाद हो गई। किसानों की सलाह लाचारी के आगे कुछ नहीं बचा है। इस संबंध में क्षेत्र के धौरहरा निवासी किसान चन्द्रशेखर पैग, राजद प्रसाद सिंह, शीतला प्रसाद और हरिश्चंद्र ने बताया कि उन लोगों के धान की फसल पूरी तरह से पानी में डूब कर बर्बाद हो गई है। कुछ अज्ञात साक्ष्य में धान की फसल कर खेत में उगाई गई थी वो तो पूरी तरह से डूब गई है। जिसके चलते पिछले दिनों चावल खरीद को लेकर किसानों से नोकझोंक हुई। इसके अलावा बोदी का पुरा गांव निवासी देवमणि यादव, कमलेश यादव ने बताया कि उनके गांव में भी धान की फसल पानी में डूब गई है। जिससे इस वर्ष धान की कौन कहे निर्माण को उल्टे चावल बाजार से खरीद कर की नौबत आ गई है। कमोबेश यही स्थिति गौरैयाडीह, इटहरा, भैरोपुर आदि कई इलाकों की है। इन के किसानों में नन्हकू यादव, लालजी पेजेस, अश्वनी यादव आदि किसानों ने बताया कि इन कश्मीर में खेड़ा धान की फसल पूरी तरह से गिर गई है तो किसी भी खेत में अधिक बारिश के कारण पानी पूरी तरह से डूब गया है। भैरोपुर निवासी मैकू बिंद, बेला बिंद ने बताया कि जो धान खेत में डूबे थे वो तो पूरी तरह से फसल या पानी में डूबकर चौपट हो गए हैं। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है।