संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
*वाराणसी।* पूर्वान्चल विधुत वितरण निगम और दक्षिणांचल वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ विधुत मज़दूर पंचायत उ0प्र0 करेगा जबरदस्त विरोध प्रदर्शन।इस पूरे विरोध प्रदर्शन की रूप रेखा तय करने हेतु विधुत मज़दूर पंचायत की आपातकालीन बैठक भिखारीपुर स्थित हनुमानजी मंदिर पर 30नवम्बर को दोपहर-1बजे लंच समय मीटिंग बुलायी गयी है।
मीटिंग में सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति में आंदोलन की रूप रेखा तय की जाएगी। मीडिया प्रभारी अंकुर पांडेय ने बताया कि विधुत मज़दूर पंचायत की कोर कमेटी की बैठक में यह पहले ही तय हो चुका है कि बिजली उद्योग का निजीकरण कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा ,क्योंकि तत्कालीन मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में वर्ष 2000 के समझौते में स्पष्ट लिखा है कि यदि पावर कारपोरेशन बनने के एक साल के अंदर 77करोड़ का घाटा कम नही हुआ तो पुनः इसको राज्य विधुत परिषद बना दिया जाएगा।
वर्तमान में घाटा 1लाख करोड़ बताया जा रहा है जिससे स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन बनाने का प्रयोग पूरी तरह विफल हो चुका है साथ ही नोयडा और आगरा के निजीकरण का प्रयोग भी पूरी तरह से फेल हो चुका है। क्योंकि इन जगहों से ज्यादा बनारस,प्रयागराज,गोरखपुर आदि शहरों का हानिया कम होने के साथ ही राजस्व का कलेक्शन भी बेहतर है फिर भी ये निजीकरण का प्रस्ताव समझ से परे है। ज्ञात है कि निजी एजेंसियों के आने से महंगी बिजली का दंश आम जनता को झेलना पड़ेगा जबकि मुख्यमंत्री जी के कार्यकाल में पिछले 5साल से बिजली का रेट नही बढा है और विधुत आपूर्ति इन्ही मेहनतकश कर्मचारियों और अधिकारियों से बेहतर हुई है और आगे भी होगी।
अग्रेतर यह भी अवगत कराना है कि वर्तमान सरकार के वित्त मंत्री सहित पूरे ऊर्जा प्रबन्धन द्वारा पूर्व में संघर्ष समिति के साथ लिखित समझौता हुआ था कि ऊर्जा विभाग का आगे निजीकरण नही किया जाएगा उसके बाद भी इस तरह का प्रयोग समझ से परे है। जिसको लेकर कर्मचारियों में काफी आक्रोश है और इस आक्रोश को बढ़ाकर ऊर्जा प्रबंधन इस विभाग की दुर्गति करने में लगा है। विधुत मज़दूर पंचायत उ0प्र0 की माननीय मुख्यमंत्री जी से सादर अपील है कि ऊर्जा प्रबन्धन के निजीकरण के प्रयास को रोकते हुए उद्योग हित और आम जनमानस के हित मे पुनः राज्य विधुत परिषद का गठन कराये जिससे पूरे देश मे उनकी ख्याति और बढ़े सभी विभागों की तरह ऊर्जा विभाग भी पूरे प्रदेश की जनता की सेवा कर सके।