संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
वाराणसी। 22 सितंबर को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि की परिक्रमा से आरंभ कर 36 दिन के अंदर प्रत्येक प्रदेश की राजधानी में गो ध्वज की स्थापना एवं गो धर्म सभा को आयोजित कर 27 अक्टूबर को वृंदावन धाम में विश्राम दिया गया। इसी आंदोलन के अगले अध्याय के आरम्भ हेतु शनिवार को गोपाष्टमी के पावन दिवस पर जगतगुरु शंकराचार्य जी के नेतृत्व में भारत के 36 प्रदेशों के प्रभारी की गोगोष्ठी श्री विद्या मठ केदारघाट वाराणसी में रखी गई थी। जहां गोपाष्टमी के पावन दिवस पर पूज्य शंकराचार्य जी ने गो पूजन करने के पश्चात धर्म सम्राट यति चक्र चूड़ामणि पूज्य करपात्री जी महाराज के नेतृत्व में1966मे हुए गोरक्षा आंदोलन को स्मरण करके गोभक्त बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।अब जिला स्तर पर ,विधान सभा स्तर पर गो ध्वज की स्थापना की जायेगी। जिसके लिए 36 प्रदेशों के प्रभारियों को गो ध्वज प्रदान किया गया। उक्त बातें विद्या मठ में शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में जगतगुरु शंकराचार्य पूज्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कही। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 14 जनवरी से 14 फरवरी तक प्रयागराज माघ मेले में 324 कुंडीय यज्ञ का आयोजन होना सुनिश्चित है जो निरन्तर एक माह तक गौ माता की प्रतिष्ठा हेतु चलता रहेगा जिसमें संपूर्ण भारत से करोड़ों लोग सम्मिलित होंगे।गोगोष्ठी में यह भी निश्चित किया गया कि सभी निर्वाचित सांसदों के दरवाजों पर को सांसदों द्वारा ग्रीष्मकालीन सत्र से 15 दिन पूर्व धरना प्रदर्शन दिया जाएगा धरना प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य निर्वाचित सांसदों से अपेक्षा की जाएगी कि स्वयं को गोभक्त या गोद्रोही घोषित करें। 27 मार्च 2025 को वाराणसी में गो महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा जिसमें संपूर्ण भारत से 1.25 करोड़ गोभक्त शामिल होंगे। इस अवसर पर संपूर्ण राष्ट्र के सनातनी गोभक्तों गो प्रतिष्ठा हेतु संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों गोरक्षकों को सम्मानित किया जाएगा तथा संपूर्ण भारत में कम से कम 33 करोड़ गो मतदाताओं को शपथ दिलाने का अभियान तेज किया जाएगा। ज्ञात हो कि संपूर्ण देश में अब तक लगभग 5 करोड़ सनातनी गौ मतदाता के रूप में शपथ दिलाई जा चुकी है। इस मौके 36 प्रदेशों से आए हुए गो प्रदेश प्रभारी शामिल हुए।