संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। ग्राम पंचायत सशक्त होने के बाद ही गरीब बनेंगे आत्मनिर्भर साथ ही पंचायते होगी समृद्धिशाली। इस कार्य को प्रधान बन्धु ही पूरा करने का जिम्मेदारी ईमानदारी के साथ निभाये।उक्त बातें हरहुआ ब्लाक सभागार में पंचायती राज उत्तर प्रदेश व उप निदेशक पंचायत मंडल वाराणसी के तत्वाधान में पीआरआई एवम एसएचजी कन्वर्जेंस हेतु दो दिवसीय अनावसीय प्रशिक्षण के समापन अवसर पर बीडीओ हरहुआ दीपांकर आर्य ने अपने सम्बोधन में व्यक्त की।प्रशिक्षण के समापन पर एडीओ पंचायत मयंक मोहन गौंड़ ने कहा कि पंचायतों में प्रधान की मुख्य भूमिका होती है सभी प्रधान सकारात्मक सोच के साथ अपना दायित्व निभाने का कार्य करें।प्रशिक्षण में राज्यस्तरीय प्रशिक्षक वीरेंद्र कुमार श्री वास्तव व डॉ0 शिवकुमार जायसवाल ने
प्रधान व समूह के सक्रिय सदस्यों को पंचायती राज व्यवस्था,ग्राम पचायत का गठन,समितियां,ग्राम पंचायत विकासयोजना,ई ग्राम स्वराज,स्वयं सहयता समूह गठन कार्य और दायित्व,ग्राम संगठन,क्लस्टर लेवल फोरम का कार्य दायित्व,ग्राम गरीबी उन्मूलन योजना तथा जीपीडीपी के वीपीआरपी को स्थान देते हुए तैयार करना पर जानकारी दी।दो दिवसीय प्रशिक्षण में कुल 38प्रधान व 38 समूह की महिलाएं शामिल रहे। मोदी यादव,लालमन यादव,रविन्द्र यादव,अनवर हाशमी'अन्नू'
व ब्लाक स्तरीय अधिकारियों,कर्मचारियों ने स्तरीय सहयोग प्रदान की। सहायक विकास अधिकारी पंचायत हरहुआ मयंक मोहन गौंड़ ने प्रशिक्षण समापन का संचालन किया।