संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
हरहुआ। वाराणसी मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने आज वाराणसी जनपद के हरहुआ विकास खंड स्थित सुलेमापुर ग्राम पंचायत में ढैंचा की खेती का निरीक्षण किया। यह ढैंचा कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर वितरित बीज से उगाया गया है,जिसका उद्देश्य हरी खाद को बढ़ावा देना है। निरीक्षण के दौरान,निदेशक ने किसानों को हरी खाद के रूप में ढैंचा की फसल लेने के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि ढैंचा के उपयोग से मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा बढ़ती है और उसकी भौतिक दशा में सुधार होता है। इससे मिट्टी की जल धारण क्षमता में वृद्धि होती है और उसकी उर्वरा शक्ति बढ़ती है। श्री कुमार ने बताया कि हरी खाद के प्रयोग से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करना पड़ता है, जिससे खेती की लागत में कमी आती है और किसानों को अधिक उत्पादन प्राप्त होता है। यह किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा। इस अवसर पर,निदेशक ने जनपद के सभी किसानों से अपील की कि वे आने वाले दिनों में अपने खेतों में हरी खाद के रूप में ढैंचा की फसल अवश्य लगाएं। उन्होंने जोर दिया कि इससे अनावश्यक रूप से उर्वरकों पर होने वाले खर्च में बचत होगी और मिट्टी व पर्यावरण का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। इस मौके पर प्राविधिक सहायक कृष्ण कुमार मौर्य,खंड तकनीकी प्रबंधक रामसकल प्रसाद और कृषक अजय कुमार सिंह (हीरूं),विपिन सिंह,घनश्याम सिंह,समरबहादुर,शिव आसरे,सुभाष पटेल,अजय कुमार सिंह (बब्बू),उमाकांत सहित कई अन्य किसान उपस्थित रहे।