संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी --राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले जनपद के सैकड़ों प्राथमिक शिक्षकों ने टेट परीक्षा की बाध्यता समाप्त करने की मांग को लेकर गुरुवार को जिला मुख्यालय पर सर्किट हाउस के सामने धरना प्रदर्शन किया व जमकर नारेबाजी किया और प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि एसीएम तृतीय देवेन्द्र कुमार को सौंपा।धरना प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए जिलाध्यक्ष शशांक कुमार पाण्डेय ने कहा कि देश भर के लाखों शिक्षकों में वर्तमान समय में गहरी चिंता, पीड़ा एवं असुरक्षा की भावना व्याप्त है।टीईटी लागू होने के दिनांक 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय प्रभावी नियमों एवं पात्रताओं के अनुरूप वैध थी बाद में निर्धारित पात्रता अथवा योग्यता मानदण्डो को पू्र्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना बेबुनियाद है।राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर उदयन मिश्र ने कहा कि भारतीय विधिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था का यह स्थापित सिद्धांत है कि कोई भी नियम अधिसूचना अथवा नीति सामान्यतः उसके प्रवर्तन की तिथि से प्रभावित होती है। पूर्व में विधिवत संपन्न नियुक्तियों तथा अर्जित सेवा अधिकारों पर बाद में निर्मित पात्रता मानदण्डों को लागू करना सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना जाता। महामंत्री आनन्द कुमार सिंह ने भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार से मांग किया है कि देश के विभिन्न राज्यों में 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों एवं उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की दिनांक 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थाई रूप से मुक्त किया जाए। ऐसे शिक्षकों की सेवा वरिष्ठता, पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए। देश के शिक्षक समुदाय को विश्वास है कि राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस संवर्ग के साथ न्याय सूनिश्चित करने हेतु भारत सरकार संवेदनशीलता, दूरदर्शिता एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण का परिचय देगी। विरोध प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष शशांक कुमार पाण्डेय, कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर उदयन मिश्र, महामंत्री आनंद कुमार सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश पाल, कोषाध्यक्ष दिनेश चंद्र, उपाध्यक्ष सुशील कुमार, आशा पाठक, अरविंद द्विवेदी, संतोष कुमार पाण्डेय, रितु ओबेरॉय, विनीता दत्ता, रीना वर्मा, राजन सिंह,संजीव त्रिपाठी, प्रभात रघुवंश, अनिल तिवारी, आनंद सिंह, राम तीरथ पटेल, कुंवर भगत सिंह, अमिताभ राय, उपेंद्रनाथ पाण्डेय, शेषनाथ वर्मा संजय पाण्डेय, मनीष दुबे, पवन सिंह, अनुराधा भार्गव, कुमुद सिंह, मनोज सिंह, सौरभ सिनहा सहित सैकड़ो की संख्या में शिक्षक गण उपस्थित रहे।