अतुल राय की खास रिपोर्ट
*हरहुआ*। संस्थाओं की सफलता का मूल आधार होता है किये जा रहे कार्यों का अभिलेखीकरण जिससे सारी क्रिया कलापों को एकबद्ध किया जा सकता है।उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत चल रहे जनपद वाराणसी के विकास खण्ड आराजीलाइन से चयनित संकुल समिति के 62 सदस्यों के तीन दिवसीय "संकुल स्तरीय संघ व्यवसाय विकास योजना (BDP) विषयक प्रशिक्षण एवं जनपद चन्दौली के विकास खण्ड सकलडीहा,बरहनी,नियामताबाद,शहाबगंज,नौगढ़,चन्दौली सदर व चहनियां से चयनित 66 ग्राम संगठन पुस्तक संचालकों के पाँच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर उपायुक्त स्वतः रोजगार दिलीप कुमार सोनकर ने अपने सम्बोधन में कही।जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने संकुल समिति के सदस्यों एवं ग्राम संगठन पुस्तक संचालकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए उसकी कार्ययोजना पर सबसे अधिक ध्यान देना होता है, आप सभी प्रशिक्षण में दी गयी अभिलेखीय जानकारी को अच्छी तरह से सीखें हुए को व्यावहारिक बनाते हुए इसे अपने-अपने संकुल समितियों व ग्राम संगठनों में लागू करें।प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक गोपाल पाण्डेय,प्रिंश मिश्रा द्वारा व्यवसाय विकास योजना की प्रक्रिया,ढाँचा व तैयारी के चरण पर विस्तार से जानकारी दी गयी। पंकज कुमार,शशिबाला पाण्डेय व जानकी यादव द्वारा ग्राम संगठन फण्ड,कार्यवाही रजिस्टर,ऋण व ब्याज निकालने का तरीका, वादा पत्र तैयार करना आदि विस्तार से सिखाया गया।प्रशिक्षण में विक्रम सिंह,विवेक कुमार सिंह,अमरनाथ द्विवेदी,मुलायम सिंह यादव,रमेश राव उपस्थित रहे। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट,ग्रुप फोटो व बैग वितरित किया गया। प्रशिक्षण का समापन प्रेरणा गीत के साथ सम्पन्न हुआ।