सवादाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज
*हरहुआ*। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का कार्य करेंगी प्रशिक्षित स्वास्थ्य सखी व संकुल से जुड़ी दीदियां।
उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में प्रारंभ हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ अवसर पर दीप प्रज्वलन के बाद प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर रिटायर्ड डीडीओ डॉ0 दयाराम विश्वकर्मा द्वारा प्रशिक्षुओं को प्रसव के बाद माँ का पहला गाढ़ा दूध बच्चों के लिए अमृत समान बताते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में पोषण की भूमिका, मातृ पोषण क्या है और क्यों जरूरी है, पोषण सम्बन्धी जोखिम का गर्भावस्था पर प्रभाव आदि के बारे में जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीन दिवसों में प्रशिक्षुओं को संतुलित आहार का महत्व, जीवन के पहले एक हजार दिन का महत्व, शिशु के लिए स्तनपान का महत्व, बच्चों में कुपोषण की समस्या की पहचान करना, किशोरावस्था में पोषण का महत्व, मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, प्रधानमंत्री वंदना योजना, सुरक्षित पेयजल एवं शौचालय का उपयोग, बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्ट्रेस प्रबंधन आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद वाराणसी के विकास खंड हरहुआ, काशीविद्यापीठ व चिरईगांव से कुल चयनित 30 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर प्राचार्य/उपनिदेशक शिवप्रकाश, राज्य प्रशिक्षक के0 एल0 पथिक,मास्टर ट्रेनर सुरेश पाण्डेय, पूजा देवी, सपना, अंतिमा, रंजना, बबीता, निशा, ललिता, मधुबाला, अर्चना, रेशमा, प्रेमशिला, लक्ष्मी वर्मा, सरोज, उजाला, गीता, प्रमिला, कांति, रीता, सरिता, किरन, उर्मिला, निरमा आदि की उपस्थिति रही।