संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी जिले में कैंट थाने की पुलिस की अभिरक्षा में एक किशोरी के अपहरण के आरोपी की कैमूर जिले के मोहनिया क्षेत्र स्थित एक ढाबे के टॉयलेट में मौत हो गई।मौत कैसे हुई,इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। चर्चा यह भी है कि आरोपी ने गमछे से गला कसकर जान दी है।मामले की जांच बिहार के कैमूर जिले की मोहनिया थाने की पुलिस कर रही है।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मौके पर एसीपी कैंट विदुष सक्सेना पहुंचे।मूल रूप से गाजीपुर जिले के जमानिया थाना क्षेत्र के दवैथा का रहने वाला एक परिवार पुलिस लाइन रोड पर पक्की बाजार में रहता है।इस परिवार की मानसिक रूप से अस्वस्थ 16 वर्षीय एक किशोरी बीते 23 अक्तूबर को कचहरी के पास से लापता हो गई थी।किशोरी के अपहरण के आरोप में कैंट थाने की पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।जांच में सामने आया कि किशोरी बिहार के भोजपुर जिले के बिल्लौरी गांव निवासी पंचम पांडेय (50) के घर में है।कचहरी चौकी इंचार्ज गौरव मिश्रा के नेतृत्व में चार पुरुष - महिला कर्मियों की टीम ने पंचम के घर से उसे गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद किया।वाराणसी आने के दौरान मोहनिया क्षेत्र में पुलिसकर्मी एक ढाबे पर भोजन करने के लिए रुके तो पंचम ने टॉयलेट जाने की बात कही।काफी देरी तक वह टॉयलेट से बाहर नहीं निकला तो पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खटखटाया।इसके बाद धक्का देकर दरवाजा खोला गया तो पंचम टॉयलेट में मृत पड़ा था।उसके गले में गमछा पड़ा हुआ था।उधर,इस संबंध में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिलने पर एसीपी कैंट को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है।वीडियो कैमरे के सामने डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।पोस्टमार्टम रिपोर्ट,बिहार पुलिस और एसीपी कैंट की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मानवाधिकार आयोग के निर्देशों के तहत मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।