संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ विवेक राय
वाराणसी- शिक्षा के अधिकार अधिनियम के मुताबिक आठवीं तक की शिक्षा निःशुल्क एवं अनिवार्य है,सरकार का लक्ष्य है एक भी बच्चा शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित न रह जाये इसके बावजूद भी वनवासी (मुसहर ) समुदाय के कुछ बच्चे आज भी शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित हैं जिस पर गहन मंथन एवं चिंतन की जरूरत है,समाज के वंचित एवं हर वर्ग के बच्चे पढ़ेंगे तभी सही मायने में परिवार,समाज एवं देश का कल्याण होगा,आदर्श फाउंडेशन द्वारा वाराणसी जनपद अंतर्गत हरहुआ एवं सेवापुरी विकास खंड अंतर्गत दर्जनों वनवासी (मुसहर)बस्तियों में डोर टू डोर सर्वे के दौरान यह यह पता चला की आज भी वनवासी समुदाय के अधिकतर बच्चे शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित हैं,कुछ ऐसे भी बच्चे मिले जिनका पोषक क्षेत्र में स्थित विद्यालय में नामांकन ही नहीं है,अधिकांश बच्चों का पोषक क्षेत्र में स्थित विद्यालय में नामांकन तो है लेकिन वे महीने में पांच दिन से ज्यादा विद्यालय नहीं जाते,आदर्श फाउंडेशन के सचिव सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया की आज भी वनवासी समुदाय के अधिकतर बच्चे शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित हैं जिस पर गहन मंथन एवं चिंतन की जरूरत है, वनवासी समुदाय के लोग आज भी शैक्षणिक,सामाजिक,आर्थिक एवं राजनैतिक क्षेत्र में आज भी सबसे निचले पायदान पर हैं,सामाजिक सरोकारों से जुड़े हुए लोगों से आग्रह है वनवासी समुदाय को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने में हर संभव सहयोग करें, C20 का लक्ष्य है सम्पूर्ण विश्व का एक भी बच्चा शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित न रह जाय इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निरंतर प्रयासरत हैं।