संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
हरहुआ,वाराणसी। समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की एक मजबूत कड़ी हैं। समूह के माध्यम से महिलाओं को रोज़गार के नए नए अवसर मिल रहें हैं। मोती पालन और मत्स्य पालन मे अब काशी की महिलाएं अग्रणी भूमिका निभाएंगी।उक्त बाते संयुक्त खण्ड विकास अधिकारी बद्री प्रसाद वर्मा ने हरहुआ विकास खण्ड में मोती पालन और मत्स्य पालन हेतु आयोजित कार्यशाला में समूह की महिलाओं को संबोधित करते हुए कही।गुरुवार को विकास खण्ड में मोती पालन,मत्स्य पालन और काशी मुसहर उन्नयन अभियान हेतु एक कार्यशाला का आयोजन किया गया,जिसमे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मोती उत्पादन और मत्स्य पालन हेतु प्रशिक्षित किया गया। ये महिलाएं काशी के 71 अमृतसरोवर में मोतीपालन और 42 अमृत सरोवर में मत्स्य पालन करेंगी।प्रशिक्षक रोहित आनन्द,श्वेतांक पाठक और पंकज पति पाठक मोती पालन और मत्स्य पालन करने के तरीके और सावधानियों के बारे मे समूह की महिलाओं को जानकारी दी।प्रशिक्षकों ने बताया की मोती पालन पूंजी का चार गुना और और मत्स्य पालन करने में पूंजी का तीन गुना मुनाफा होता है। इस अवसर पर एडीओ आईएसबी संजय श्रीवास्तव ने समूह सखियों को समूह से मुसहर परिवारों को जोड़ने का निर्देश दिया,उन्होंने कहा की वनवासियों,मुसहरो को सरकार की हर योजना से आच्छादित करना हमारा कर्तव्य और उद्देश्य हैं।इस अवसर पर जिला मिशन प्रबंधक विकम सिंह,प्रदीप केशरवानी,बीएमएम अंकित सिंह,रत्नेश कुमार और हरहुआ,बड़ागांव,चिरईगांव,चोलापुर और पिंडरा विकास खण्ड की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन एडीओ आईएसबी संजय श्रीवास्तव ने किया।