संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी के इमलिया चोलापुर स्थित यस डी मेमोरियल स्कूल में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संस्थापक बाबू बालेश्वर लाल जी की जयंती इतने गौरवपूर्ण तरीके से मनाई गई।
ग्रामीण अंचलों में पत्रकारिता करना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है, और बाबू बालेश्वर लाल जी जैसे व्यक्तित्वों ने ही इस संघर्ष को एक संगठित पहचान दी। सदर तहसील अध्यक्ष अजय सिंह जी द्वारा उनके जीवन और उनके संघर्षों को याद करना, नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणादायक है।
कार्यक्रम की कुछ प्रमुख झलकियां:
श्रद्धांजलि और स्मरण: बाबू बालेश्वर लाल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया।
संगठन का महत्व: अजय सिंह जी ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे बाबू जी ने बिखरे हुए ग्रामीण पत्रकारों को एक मंच पर लाकर उन्हें एक "आवाज" दी।
मान-सम्मान की लड़ाई: चर्चा का मुख्य केंद्र यह रहा कि किस प्रकार संगठन के माध्यम से पत्रकारों के अधिकारों और उनके सम्मान की रक्षा के लिए बाबू बालेश्वर लाल जी ने अपना जीवन समर्पित किया।
पत्रकारों की एकजुटता: इस अवसर पर सदर तहसील के बड़ी संख्या में पत्रकारों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि संगठन की जड़ें आज भी कितनी मजबूत हैं।
बाबू बालेश्वर लाल जी का दर्शन आज के समय में और भी प्रासंगिक हो जाता है, ताकि ग्रामीण पत्रकार निर्भीकता और सत्यता के साथ अपनी लेखनी चला सकें।
जहां पर मुख्य रूप से सदर तहसील अध्यक्ष अजयसिंह, जिला महामंत्री मनोज जायसवाल, रामदुलार यादव सदर तहसील उपाध्यक्ष, दीपक सिंह सदर तहसील उपाध्यक्ष, अतुल राय सदर महामंत्री, राहुल चौबे सदर मंत्री,अवनीश चंद्र मिश्रा सदर तहसील उपाध्यक्ष,शाहिद आलम,नित्यानंद चौबे प्रचार मंत्री,आनंद राय सदर मंत्री, महेश मिश्रा जिला मंत्री के साथ-साथ अन्य और साथी रहे मौजूद।