संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
वाराणसी। रामेश्वर तीर्थ धाम में आदिगंगा मांँ वरुणा के किनारे पौधरोपण कर गंगा समग्र के राष्ट्रीय पौधरोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
माँ गंगा उनकी सहायक नदियों की अविरलता और निर्मलता के लिए सामाजिक जागृति और जन सहभागिता के साथ-साथ मां गंगा और उनकी सहायक नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों और विभिन्न कुंण्डों और तालाबों के आसपास भी देव वृक्षों(पीपल,बरगद,पाकड़,गूलर,नीम मौलसरी,कपूर इत्यादि) का लगाया जाना आवश्यक है। देव वृक्षों की यह विशेषता है यह न केवल जलवृष्टि में सहायक होते हैं, अपितु पारिस्थितिकीय संतुलन सहित पर्यावरण को शुद्ध बनाए रखने में भी सहायक होते हैं।उक्त बातें आज रामेश्वर तीर्थ धाम में गंगा समग्र काशी विभाग के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संगठन मंत्री राम आशीष जी ने व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि मां गंगा और उनकी सहायक नदियों की निर्मलता और अविरलता के लिए सामाजिक जागरूकता और समर्पण भाव से सतत कार्य करना आवश्यक है। जब तक समाज में जन-जन के भीतर यह भावना पैदा नहीं होती कि माँ गंगा हमारे जीवन की रेखा हैं,तब तक मांँ गंगा सहित उनकी सहायक नदियों को प्रदूषण से पूर्ण मुक्ति प्राप्त नहीं हो पाएगी।इस अवसर पर प्रांत संयोजक अजय कुमार मिश्रा ने उपस्थित कार्यकर्ताओं का आवाहन करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि गंगा समग्र के जिला और खंड स्तर के सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी गांव-गांव जाकर मोहल्ले-मोहल्ले लोगों के अंदर इस बात की जागृति पैदा करें,और उन्हें बतायें कि मां गंगा को प्रदूषित करने वाले कौन कौन से कारक हैं,और हमें किस प्रकार इनसे मांँ गंगा को बचाना है।गंगा आश्रित आयाम के राष्ट्रीय प्रमुख अमिताभ उपाध्याय ने कहा कि गंगा की सहायक नदियों को भी प्रदूषण मुक्त करने की उतनी ही आवश्यकता है,जितनी मां गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की आवश्यकता है,क्योंकि जब तक सहायक नदियांँ प्रदूषण मुक्त नहीं होंगी,तब तक मांँ गंगा भी प्रदूषण मुक्त नहीं होंगी। इसके साथ ही जल संरक्षण की दृष्टि से तालाबों का संरक्षण और पुनरुद्धार जैविक खेती आदि पर भी अब एकजुट होकर सघन रूप से कार्य करने की आवश्यकता है। काशी विभाग के विभाग संयोजक दिवाकर द्विवेदी ने गंगा समग्र के 15 आयामों के महत्व पर विस्तार से विचार व्यक्त किया और एक-एक आयाम के महत्व को साझा किया। जल संरक्षण के दृष्टिगत आयामों के आपसी सामंजस्य की आवश्यकता पर बल दिया।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन जिला संयोजक चंद्र प्रकाश दुबे द्वारा किया गया। बैठक की अध्यक्षता रामेश्वर मन्दिर के महंत राममूर्ति दास उर्फ मद्रासी बाबा ने किया।बैठक में प्रमुख रुप से शशि भूषण उपाध्याय,प्रांतीय शैक्षणिक संस्थान प्रमुख प्रोफेसर पद्मनाभ द्विवेदी,सह नदी आयाम प्रमुख कपिंद्र नाथ तिवारी,गंगा आश्रित सह प्रमुख अशोक तिवारी,विभूति नारायण राय,विभाग संगठन मंत्री शुभम,भावना नदी समिति प्रमुख राजनारायण पटेल अस्सी नदी समिति प्रमुख मोहन पटेल जिले के पौधरोपण आयाम प्रमुख अनिल दुबे अंबरीश उपाध्याय,प्रकाश सिंह,रमेश चंद्र पांडेय,प्रेम शंकर मिश्रा,रवि प्रकाश जायसवाल,हरहुआ खंड के संयोजक जय प्रकाश दुबे सहसंयोजक भगत यादव सेवापुरी खंड संयोजन धीरेंद्र कुमार यादव,बड़ागांव खंड संयोजक मनोज कुमार सिंह सह संयोजक मनोज पांडेय,खंड संयोजक पिंडरा जगन्नाथ सिंह,सह जिला संयोजक धर्मेंद्र पांडेय,आयाम प्रमुख अशोक पांडेय,सत्येंद्र उपाध्याय,धर्म जागरण के प्रमुख मधुबन यादव,घनश्याम सिंह यादव प्रधान जगापट्टी, रामाश्रय प्रधान हीरापुर,विपिन शुक्ला,शिवेंद्र,रामप्रसाद पूर्वप्रधान रामेश्वर,आशीष राजभर प्रधान बेरवा,रामाश्रय मौर्य हीरमपुर,वैभव सिंह रिंकू शर्मा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।