संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
चोलापुर, वाराणसी विकास खंड चोलापुर के परिषदीय विद्यालयों ने शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार से जिले में नई पहचान बनाई है। प्राथमिक विद्यालय धरसौना, चंद्रावती, हडियाडीह, टिसौरा और उच्च प्राथमिक विद्यालय देवानंदपुर शिक्षा सुधार के प्रतीक बनकर सामने आए हैं। इन विद्यालयों में कायाकल्प योजना के अंतर्गत हरित वातावरण, सुसज्जित कक्षाएँ, डिजिटल स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, खेल सामग्री और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इसका परिणाम है कि अभिभावक अब निजी स्कूलों की बजाय सरकारी विद्यालयों पर भरोसा जता रहे हैं। लगातार बढ़ता नामांकन इन विद्यालयों की सफलता का बड़ा संकेत है। निपुण भारत मिशन के मानकों पर खरे उतरते हुए यहाँ के बच्चे कक्षा अनुरूप दक्षता प्राप्त कर रहे हैं। शिक्षक नवीन शिक्षण विधियों और डिजिटल साधनों से विद्यार्थियों को सरल और रोचक तरीके से पढ़ा रहे हैं। नतीजतन छात्र-छात्राएँ न केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं बल्कि छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता प्राप्त कर रहे हैं। शैक्षिक उपलब्धियों के साथ-साथ इन विद्यालयों के बच्चे खेलकूद, सांस्कृतिक और सह-शैक्षिक गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। स्थानीय और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में उनकी सक्रिय भागीदारी ने विद्यालयों की पहचान और मजबूत की है।
खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सरोज ने बताया कि “ये विद्यालय शिक्षकों के परिश्रम और निरंतर नवाचार के चलते प्रतिदिन नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। ग्रामीण परिवेश में स्थित चोलापुर के ये विद्यालय आज मॉडल विद्यालय के रूप में सामने आकर संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।