छविनाथ यादव की खास रिपोर्ट
वाराणसी।।बहनों के लिए रक्षाबंधन का त्योहार अमूल्य धरोहर है ।इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र यानी राखी बांधती हैं ।बदले में भाई बहनों को उनके सुरक्षा का भरोसा दिलाते हैं ।वहीं कुछ बहन अपने फर्ज के आगे घर नहीं जा पाई । पुलिस विभाग में कुछ पुलिसकर्मियों से जब हमने इस पवित्र त्यौहार के बारे में बातचीत किया तो उनका कहना है कि वर्दी कहीं ना कहीं भाई-बहन के बीच आई लेकिन फर्ज के आगे सब कुछ न्यौछावर है। रक्षा यह धागा नहीं संकल्प का पवित्र बंधन होता है । गजब का माहौल है हस्ती मुस्कुराती रिश्तो के बाजार में जीवन की अनमोल छड़ों को विस्तारित करती मायके से साल भर में एक बार यथार्थ की बुनियाद पर अभिव्यक्ति की आजादी के साथ पहुंचकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को आत्मसात कर लेती हैं । बहने वापसी नैनों में निर लिए अगले साल तक भाई के सही सलामत रहने की दुआओं के साथ मायके से ससुराल आना बेबसी लिए हकीकत होती है दिल मचलता है आत्मा रोती है यह सब याद आता है जो बचपन में मां-बाप भाई-बहन के साथ गुजारा होता है सौहार्द का सौगात लिए खुशनुमा माहौल में भाई-बहन के बीच में आत्मक बंधन मजबूत करता रक्षा बंधन का पर्व गुजर रहा है ।