संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
चौबेपुर थाना क्षेत्र के बभनपुरा गांव की है। बृहस्पतिवार की रात करीब 9:35 बजे गौरव सिंह को फोन करके घर से बाहर बुलाया गया। जब वह गांव के तिराहे पर पहुंचा, तो वीरेंद्र सिंह, अंकित सिंह, अभिषेक सिंह, निखिल सिंह और नीरज यादव ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर गया। उसे तुरंत मलदहिया के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसे बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
गौरव सिंह के पिता सत्य प्रकाश सिंह की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने इन पाँचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये सभी आरोपी बभनपुरा के ही रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार वर्मा के नेतृत्व में दो टीमें गठित कर दीं है। टीम में चंदापुर, चिरईगांव, जाल्हूपुर चौकी प्रभारी को भी रखा गया है और उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार, घायल गौरव सिंह के खिलाफ चौबेपुर थाने में 11 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। एसीपी सारनाथ विजय प्रताप सिंह ने बताया कि घायल और हमलावर दोनों एक-दूसरे को जानते हैं और उनके बीच पहले से ही उठना-बैठना था।
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसी वारदातों को बर्दाश्त नहीं करते हैं। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के दिन भी गौरव पर हमला हुआ था, जिसकी शिकायत पुलिस में की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंत्री ने कहा कि इसी वजह से आरोपियों का मनोबल बढ़ गया और यह घटना दोबारा हुई। उन्होंने पूरे मामले की जाँच कराने की बात कही और चेतावनी दी कि अगर पुलिस की लापरवाही पाई गई तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
गौरव के पिता सत्य प्रकाश सिंह ने पुलिस को बताया कि पिछली जन्माष्टमी पर भी आरोपियों ने उनके बेटे को गोली मारने की कोशिश की थी। उन्होंने इसकी शिकायत आईजीआरएस के जरिए पुलिस से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण ही हमलावरों का हौसला बढ़ा। एसीपी सारनाथ विजय प्रताप सिंह ने भी इस बात की पुष्टि की कि घायल और हमलावर दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद था