अतुल राय की खास रिपोर्ट
हरहुआ,वाराणसी। जन विकास समिति मुर्दहा ने लैंगिक समानता और विकलांगता पर C20 वर्किंग ग्रुप के सहयोग से " समावेशन के लिए विकलांगता को मुख्यधारा में लाना " और "लैंगिक असमानता लिए पुरुषों और लड़कों की भागीदारी " के विषयों पर एक नीतिगत संवाद या "चौपाल चर्चा" का आयोजन किया। जिसमें कुल अखिल भारतीय स्तर पर कार्य कार्यरत 44 संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।जन विकास समिति के प्रांगण मे कार्यक्रम का उद्घाटन यू.के .शुक्ला,कानूनी सलाहकार, राष्ट्रीय न्यास,नई दिल्ली एवं श्रीमती आलोका गुहा,पूर्व. अध्यक्ष,राष्ट्रीय न्यास,नई दिल्ली,डॉ. उत्तम ओझा, सदस्य,भारतीय पुनर्वास परिषद¸डॉ . हिमांशु दास,पूर्व निदेशक,राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान,देहरादून,सुश्री ज्योत्सना यादव,प्रबंधक,सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट,लखनऊ और फादर चंद्रन रियमंड्स,कार्यकारी निदेशक, जन विकास समिति ने किया।फादर चंद्रन रियमंड्स,कार्यकारी निदेशक,जन विकास समिति कार्यक्रम में सभी विशिष्ट अतिथियों और विशेषज्ञ वक्ताओं का स्वागत किया I सुश्री अमला बर्नेट, जो C20 प्रतिनिधि और लैंगिक समानता और विकलांगता कार्य समूह की सदस्य हैं,इन्होने उन्होंने C20 और चौपाल को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि अधिकारिक रूप G 20 एवं C 20 सभी सिविल सोसाइटीज को अपनी बात रखने का मंच प्रदान करता है I साथ में इन्होने बताया कि लैंगिक समानता और विकलांगता पर निम्नलिखित उपविषय जिस पर सभी सिविल सोसाइटीज को चर्चा करना है -1. आर्थिक सशक्तिकरण और स्थायी आजीविका 2. शिक्षा और कौशल विकास 3. पुरुषों और लड़कों की भागेदारी 4. पर्यावरण और आपदाएं 5. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य 6. सुरक्षा और सुरक्षा 7. समाज और संस्कृति
इस चौपाल के मुख्य अतिथि यू.के. शुक्ला,कानूनी सलाहकार,राष्ट्रीय न्यास ने विस्तार से राष्ट्रीय न्यास के संबंधित सभी कार्यक्रमों के बारे में चर्चा किया I नीतिगत संवाद को जरूरी कहा।इस चौपाल की चर्चा में डॉ0 हिमांशु दास,पूर्व निदेशक,राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान,देहरादून राष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांगजनों की समस्याएँ और उसके निवारण पर अपने बहुमूल्य विचार रखे I देवा संस्था के निदेशक डाक्टर तुलसी ने अपने विचार प्रकट किये और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी इस चर्चा में दिव्यांगता से सम्बन्धित नीतियों और कार्यक्रमों पर अपने विचार और सुझाव दिए I श्रीमती आलोका गुहा,पूर्व. अध्यक्ष,भारतीय राष्ट्रीय न्यास,नई दिल्ली,ने समावेशी शिक्षा एवं इसे अखिल भारतीय स्तर पर प्रभावी एवं व्यापक ढंग से लागू करने पर जोर दिया I इसी सत्र के दौरान अन्य प्रतिनिधियों के अपने सुझाव एवं विचार व्यक्त किये I चर्चा के अगले सत्र में डॉ. उत्तम ओझा,सदस्य,भारतीय पुनर्वास परिषद ने दिव्यांगजनों की सामाजिक सुरक्षा की नीति पर अपने विचार एवं रखे I इस पुरे सत्र के समापन पर फेलिक्स थामस ने सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों व अतिथियों का धन्यवाद किया।