संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी --काफी गहमा गहमी के बीच नगर निगम कार्यकारिणी समिति के रिक्त छह पदों के लिए हुए चुनाव में भारी उत्साह दिखा। इस प्रतिष्ठित चुनाव में विपक्षी खेमे के पीडीए (पीड़ित,दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन का सपना टूटता नजर आया। वहीं महापौर अशोक कुमार तिवारी के कुशल नेतृत्व और सटीक राजनीतिक सूझबूझ के चलते भाजपा ने ना केवल अपना दबदबा कायम रखा बल्कि कार्यकारिणी में एक अतिरिक्त सीट की बढ़त हासिल कर ली। इस चुनाव में भाजपा के पांच और समाजवादी पार्टी (सपा) के एक सदस्य को निर्वाचित घोषित किया गया। जबकि कांग्रेस को कार्यकारिणी की दौड़ से पूरी तरह बाहर होना पड़ा। खास बात यह रही कि सामाजिक समीकरणों को ध्यान रखते हुए महापौर ने कनौजिया समाज को कार्यकारिणी से जोड़ा। नगर निगम कार्यकारिणी के 12 सदस्यों में से छह सदस्यों (जिनमें भाजपा के चार व सपा के दो सदस्य शामिल थे) का कार्यकाल 27 जून को समाप्त हो चुका था। इन्हीं रिक 6 पदों के लिए महापौर की अध्यक्षता में मैदागिन स्थित टाउन हॉल सभागार में सदन की बैठक बुलाई गई थी। अध्यक्ष की अनुमति से दोपहर 2:00 बजे चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई।छह रिक्त पदों के सापेक्ष कुल 8 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल किया था। हालांकि विपक्षी एकजुट ना होने के कारण समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अमरदेव ने अपना नामांकन वापस ले लिया। जबकि पहले सपा के दो सदस्यों का कार्यकारणी में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन पेंच तब फंस गया जब कांग्रेस के पास एक भी सदस्य के लिए पर्याप्त बहुमत ना होने के बावजूद उनके प्रत्याशी गुलशन अली (कमालपुरा वार्ड नंबर 100) चुनाव मैदान में डटे रहे। कांग्रेस की इस जिद के कारण अंतत मतदान करने की नौबत आ गई इसका परिणाम यह हुआ कि कांग्रेस को तो करारी पराजय का सामना करना ही पड़ा साथ ही सपा को भी अपनी एक सुनिश्चित सीट गंवानी पड़ी।इस सियासी उलटफेर से भाजपा को सीधा फायदा मिला और उसने अपनी चार सीटों के बजाय पांच सीटों पर जीत दर्ज कर ली। चुनाव अधिकारी व सहायक लेखा अधिकारी अयोध्या प्रसाद तिवारी के मुताबिक मतदान की प्रक्रिया दोपहर 3:00 बजे तक शुरू हुई। शाम 6:30 बजे तक कुल 112 मतदाताओं में से 107 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार चुनाव में रिकार्ड 95.53 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना अधिकारी शशिकांत सिंह के नेतृत्व में मतगणना शुरू किया गया। इस दौरान एक मत अवैध घोषित किया गया। चुनाव अधिकारी द्वारा विजयी प्रत्याशियों के नाम की आधिकारिक घोषणा की गई। वहीं महापौर ने सेवानिवृत होने वाले 6 सदस्यों व निर्वाचित होने वाले सदस्यों को सम्मानित किया। सदन की कार्यवाही वंदे मातरम व समापन राष्ट्रगान से किया गया। भाजपा की पांच सीटों में बलराम कनौजिया शिवपुर वार्ड नंबर 09, इन्द्रा रानी शिवपुरवा वार्ड नंबर 10, संदीप रघुवंशी नारायणपुर वार्ड नंबर 31, संजय केसरी गोला दीनानाथ वार्ड नंबर 84, नरसिंह दास दशाश्वमेध वार्ड नंबर 96, समाजवादी पार्टी एक सीट, गोविंद प्रसाद सिंह पिसौर वार्ड नंबर 49,चुने गये। इस महत्वपूर्ण चुनाव में शहर के कई बड़े सियासी चेहरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मतदान करने वालों में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, रोहनिया विधायक डॉ सुनील पटेल, शहर दक्षिणी विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव के साथ-साथ विधान परिषद सदस्य एमएलसी धर्मेंद्र राय, अन्नपूर्णा सिंह, सपा एमएलसी आशुतोष सिनहा, प्रमुख रूप से शामिल रहे। दूसरी ओर शहर से बाहर होने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मतदान मे हिस्सा नहीं ले सके। उनके अलावा कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालू,सपा सांसद वीरेंद्र सिंह और निर्दल पार्षद अर्चना यादव भी चुनाव में गैरहाजिर रहे और इन्होंने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया।