संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
आशीष सिंह
वाराणसी। जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय,अर्दली बाजार में शुक्रवार को राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें सामाजिक न्याय,समतामूलक समाज और मानवतावाद का प्रबल समर्थक बताया। मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने कहा कि राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज ने एक शासक होते हुए भी शोषित,वंचित एवं दलित वर्ग के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका मानना था कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है,जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को समान अवसर और अधिकार प्राप्त हों।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सुजीत यादव "लक्कड़" ने कहा कि 26 जुलाई 1902 को शाहू जी महाराज ने कोल्हापुर राज्य के प्रशासन में पिछड़े एवं वंचित वर्गों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था। इसी ऐतिहासिक निर्णय के कारण उन्हें भारत में आरक्षण का जनक माना जाता है। उन्होंने कहा कि शाहू जी महाराज समाज के प्रत्येक वर्ग की उसकी जनसंख्या के अनुरूप भागीदारी के पक्षधर थे। जिला प्रवक्ता संतोष यादव "बबलू" एडवोकेट ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि शाहू जी महाराज का विश्वास था कि अज्ञानता ही पिछड़ेपन का सबसे बड़ा कारण है। इसी सोच के तहत उन्होंने अपने राज्य में प्राथमिक शिक्षा को सभी के लिए निःशुल्क और अनिवार्य बनाया तथा बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष विद्यालय और छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू कीं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर डॉ. उमाशंकर सिंह यादव,गोपाल पाण्डेय,धर्मेंद्र यादव "सिंटू", सुरेश पासी,विद्या भारती,सुनील सोनकर,सचिन प्रजापति,शिवप्रसाद गौतम,रामकुमार यादव,रामसिंह भारद्वाज,अशोक कुमार,धर्मवीर पटेल,धीरज गुप्ता,राजेन्द्र प्रसाद,विनोद सिंह पटेल,रामदुलार,विजय शंकर,सदानंद कन्नौजिया,सुनील कश्यप,राजू यादव,जवाहर लाल तथा विनोद शुक्ला सहित अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।