UDYAM-UP-75-0003230
purvanchalexpressn@gmail.com
Purvanchal Express News

जनजातीय नृत्य शैला में रिझाने,हंसी ठिठोली की कला की बारीकियों को युवक -युवतियों ने सीखा

Updated on: 13 June, 2026

संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़

 

*हरहुआ।*उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति कला संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग), उत्तर प्रदेश सरकार एवं जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में परिसर में संचालित दस दिवसीय ‘‘जनजातीय नृत्य कार्यशाला’’ के द्वितीय दिन प्रशिक्षक विनोद कुमार द्वारा जनजाति समाज के युवाओं को गोंड जनजाति की प्रमुख नृत्य में से 'शैला नृत्य' के महत्व व तकनीक की प्रैक्टिकल जानकारी दी।

     उन्होने बताया कि यह नृत्य खासकर युवक-युवती तथा आपस मे रिश्ते नाते में जो पद लगता है जिसमें एक दुसरे से खास मजाक कर सके उनको रिझाकर हसी ठिठोली कर किया जाता है। जैसा कि आदिवासी समुदाय का मुख्य पहचान समूह में रहना है जिसे उसी प्रकार आदिवासी नृत्य समूह में कर के सामुहिकता और एकता का परिचय कराता है।

 कार्यशाला में प्रियंका गोंड, विशाखा गोंड आचल, रेखा, काजल, सूरज कुमार, किशन कुमार, विजयलक्ष्मी सहित अन्य उपस्थित रहे।

© 2022 Copyrights Reserved Purvanchal Express News