संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी --कभी कभी पुलिस की क्रिया कलाप पर भी सवालिया निशान लग जाता है।ऐसा ही एक घटना चेतगंज थानांतर्गत जगतगंज निवासिनी सीता चौहान की है। जिसे बिना कोई अपराध के ही केवल पूछताछ के लिए थाने पर 23 तारीख से लेकर 27 तारीख तक विठाये रखा रखा गया।उसने विवेचक अभिषेक त्रिपाठी पर जेवरात हड़पने का भी आरोप लगाया है।सीता चौहान ने गुरुवार को कचहरी स्थित अपने अधिवक्ता अभिषेक कुमार दूबे के चेम्बर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उपस्थित पत्रकारों को बताया कि 23 फरवरी 2025 को अभिनव सिंह के द्वारा दर्ज एक एफ आईआर के मामले में आराधना और सीता चौहान को पूछताछ के नाम पर थाने पर बुलाया गया।सीता चौहान का आरोप है कि दोनों को 27 फरवरी तक थाने में ही रोके रखा गया। इस दौरान एसआई अभिषेक त्रिपाठी तथा महिला एसआई जागृति गिरी ने सीता चौहान के घर वालों से डरा धमकाकर घर के सारे गहने मंगवाये।उन गहनों को चोरी का बताकर अपने हिरासत में ले लिया। जबकि परिजनों का कहना है कि वह सारे गहने सीता चौहान की मां गुलाबी देवी के पुराने गहने थे जिन्हें लहुराबीर स्थित चेतमणी ज्वेलर्स की दुकान से बदलवाया गया था। उसका बिल भी गुलाबी देवी के पास मौजूद है। सीता चौहान का आरोप है कि थाने में दबाव बनाकर कई सहमति पत्रों पर दबिश देकर हस्ताक्षर भी कराए गए। जिनमें से कुछ हिंदी और कुछ अंग्रेजी में थे। सीता चौहान का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई गहने हड़पने की नीयत से की गयी है। पूछताछ के लिए सीता के मंगेतर को भी बुलाकर धमकाया गया और शादी के लिए सूरज ने जो 2.50 लाख रुपये के गहने बनवाये थे।उसे दरोगा अभिषेक द्वारा रख लिया गया। इससे उसकी शादी भी टूट गयी। सीता का आरोप है कि गहने वापस मांगने पर दरोगा अभिषेक त्रिपाठी द्वारा थाने में बुलाकर अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए दुर्व्यवहार किया गया और जान से मारने तथा जेल में सड़ा देने की धमकी भी दी गयी। उसके भाई विक्रम चौहान द्वारा पुलिस आयुक्त व न्यायालय में प्रार्थना पत्र देने के बाद आनन फानन में थाने की जीप से सीता और आराधना को घर ले जाकर एक कथित बरामदगी का वीडियो तैयार कर दिया गया। इस मामले में जब सीता चौहान को चार दिन तक थाने में रखा गया था तो एसीजेएम पंचम द्वारा पुलिस आयुक्त से जांच के आख्या तलब किया गया। मगर थाने के संलिप्तता के कारण पूरा थाना इस घटना से अवगत होने के बावजूद मौन था। इस मामले में सीता चौहान व उसके परिजनों ने भ्रष्ट दरोगा को निलंबित करते हुए अपने गहनों की वापसी कराने और निष्पक्ष न्याय की मांग किया है। पत्रकार वार्ता के दौरान सीता चौहान के साथ अभिषेक दूबे एडवोकेट व मां गुलाबी देवी उपस्थित रहीं।