पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता आशुतोष मिश्रा
जौनपुर। रामपुर बाजार से निगोह बाजार तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य में ठेकेदार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण के नाम पर खुलेआम मानकों की अनदेखी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि ठेकेदार द्वारा सड़क पर बिछाई गई गिट्टी की जांच विभागीय जेई द्वारा की गई, जिसमें कार्य मानक के विपरीत पाया गया। जेई ने ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि गिट्टी की ऊंचाई निर्धारित मानक के अनुसार करीब साढ़े दस इंच होनी चाहिए।लेकिन सवाल यह है कि जब निर्माण सामग्री और कार्य मानक के विपरीत पाया गया तो जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय अब कथित तौर पर मामले पर पर्दा डालने की कोशिश क्यों की जा रही है?
आरोप है कि ठेकेदार मशीन लगाकर पहले से बिछाई गई गिट्टी को उखड़वा रहा है और उसमें नई गिट्टी मिलाकर दोबारा सड़क पर बिछाने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा खेल निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुधारने से ज्यादा कमी को छिपाने और सरकारी धन के बंदरबांट का मामला प्रतीत होता है।पहले मानक के विपरीत गिट्टी बिछाना, फिर जेई की जांच में खामी पकड़े जाने के बाद पुरानी गिट्टी को उखाड़कर नई गिट्टी में मिलाना—यह पूरा मामला सड़क निर्माण में बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।क्षेत्रीय जनता ने सवाल उठाया है कि आखिर ठेकेदार को इतनी मनमानी करने की छूट किसकी शह पर मिली हुई है? यदि कार्य मानक के विपरीत था तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?वहीं पूरे मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग की चुप्पी भी संदेह के घेरे में है। जनता मांग कर रही है कि सड