संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
विनोद नाथ यति
*हरहुआ*। सरस्वती उच्च शिक्षा एवं तकनीकी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गहनी, आयर, वाराणसी में हिन्दी विभाग के तत्वावधान में हिन्दी दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य हिन्दी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध साहित्यिक परंपरा तथा वर्तमान समय में हिन्दी की उपयोगिता के प्रति विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नवीन कुमार सिंह ने अपने संबोधन में हिन्दी को भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता की महत्वपूर्ण भाषा बताते हुए कहा कि हिन्दी का सम्मान और संवर्धन केवल एक दिन तक सीमित न रहकर निरंतर प्रयास का विषय होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग तथा अध्ययन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने हिन्दी के नाम पर विभिन्न राज्यों में होने वाले भेदभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके लिए केन्द्रीय स्तर पर प्रयास की आवश्यकता है l
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ0 संतोष कुमार सिंह ने हिन्दी दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हिन्दी हमारी भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्त करने वाली सशक्त भाषा है। आज डिजिटल एवं वैश्विक युग में भी हिन्दी की उपयोगिता निरंतर बढ़ रही है। विद्यार्थियों को हिन्दी के साथ-साथ भारतीय भाषाओं के प्रति भी सम्मान की भावना विकसित करनी चाहिए। हिन्दी ही एक ऐसी भाषा है जहां बिंदी भी अभिव्यक्ति में सहायिका है, आज हिन्दी और संस्कृत दोनों को ही सम्मान देने की आवश्यकता है जो उसके प्रयोग से फलीभूत होगी l
मुख्य वक्ता डाॅ0आलोक कुमार त्रिपाठी ने हिन्दी के ऐतिहासिक विकास, साहित्यिक समृद्धि तथा वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में हिन्दी की बढ़ती स्वीकार्यता पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं शुभम खरवार ने विद्यार्थियों को हिन्दी के व्यावहारिक एवं आधुनिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।
समारोह में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। रोली यादव, ज्योति, शिवांगी, खुशी, रंजीत, काजल, महिमा, अनुष्का, मौसमी एवं प्रियंका पटेल ने हिन्दी भाषा एवं साहित्य से संबंधित विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक एवं रोचक बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 सुरभि श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग तथा हिन्दी साहित्य के अध्ययन का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समारोह उत्साह, गरिमा और हिन्दी भाषा के प्रति सम्मान की भावना के साथ सम्पन्न हुआ।